बरसात आते ही फर्नीचर को खोखला करने लगती है दीमक, इन घरेलू नुस्खों से पाएं छुटकारा जीवनशैली 3 महीने पहले 54
मानसून में नमी बढ़ने के साथ ही लकड़ी के फर्नीचर पर दीमक का हमला तेज हो जाता है। नीम का तेल, नींबू-नमक, लौंग-एलोवेरा और सिरके जैसे आसान घरेलू उपायों से इस समस्या से निजात पाई जा सकती है।

बरसात का मौसम भले ही मन को सुकून देता हो, लेकिन यह अपने साथ कई परेशानियां भी लेकर आता है। इस दौरान नमी बढ़ने से कीड़े-मकोड़ों का प्रकोप बढ़ जाता है और घर में रखा लकड़ी का फर्नीचर भी खराब होने लगता है। इसकी सबसे बड़ी वजह होती है दीमक, जो चुपचाप लकड़ी को कुतरकर उसे अंदर से खोखला कर देती है। यही कारण है कि कई बार इनकी मौजूदगी का पता लगाना तक मुश्किल हो जाता है। अगर घर में कहीं दीमक नजर आए तो घबराने के बजाय फौरन सावधानी बरतनी चाहिए। समय रहते सही कदम उठाकर आप अपने फर्नीचर को बर्बाद होने से बचा सकते हैं। यहां हम कुछ सरल घरेलू उपाय बता रहे हैं, जिनकी मदद से दीमक से आसानी से छुटकारा पाया जा सकता है।

नीम का तेल

नीम का तेल एक प्राकृतिक कीटनाशक की तरह असर करता है। दीमक से स्थायी रूप से छुटकारा पाने के लिए इसका इस्तेमाल बेहद कारगर है। घर में जहां भी दीमक दिखाई दे, वहां सीधे नीम का तेल लगा दें। चाहें तो नीम के तेल में थोड़ा पानी मिलाकर स्प्रे बनाकर भी छिड़काव कर सकते हैं।

नींबू का रस और नमक

दीमक को भगाने में नींबू का रस और नमक का मिश्रण भी काफी असरदार माना जाता है। इसके लिए बराबर मात्रा में नींबू का रस और नमक मिलाकर एक पेस्ट तैयार करें और इसे दीमक वाली जगह पर लगा दें। इससे दीमक से आसानी से निजात मिल जाती है।

लौंग और एलोवेरा जेल

अगर दीमक से हमेशा के लिए छुटकारा चाहते हैं तो लौंग और एलोवेरा जेल का प्रयोग कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए लौंग को ग्राइंडर जार में पीसकर पाउडर बना लें और फिर इसमें एलोवेरा जेल मिला दें। तैयार मिश्रण को फर्नीचर के उन हिस्सों पर लगाएं, जहां दीमक लगी हो। इसका असर जल्दी देखने को मिलेगा।

नींबू का रस और सिरका

नींबू का रस और सिरका भी दीमक हटाने में बेहद प्रभावी माने जाते हैं। इसके लिए नींबू के रस में सिरका मिलाकर एक घोल बना लें और इसे फर्नीचर पर लगाएं। कुछ ही दिनों में दीमक से छुटकारा मिल जाएगा।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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