ओडिशा कैडर के आईपीएस अधिकारी शफीन अहमद का निधन, शशि थरूर ने भावुक पोस्ट के जरिए दी श्रद्धांजलि राष्ट्रीय राजनीति 8 घंटे पहले 5
ओडिशा कैडर के 50 वर्षीय आईपीएस अधिकारी शफीन अहमद का कैंसर से लंबी जंग के बाद तिरुवनंतपुरम में निधन हो गया है। तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने उनके साथ बिताए पलों को याद करते हुए एक बेहद भावुक पोस्ट साझा की है।

आईपीएस अधिकारी शफीन अहमद का दुखद निधन

प्रशासनिक सेवाओं और पुलिस महकमे के लिए 31 अगस्त 2026 का दिन एक बड़ी क्षति लेकर आया है। ओडिशा कैडर के वरिष्ठ और जांबाज आईपीएस अधिकारी शफीन अहमद ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया है। 50 वर्ष की आयु में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे शफीन अहमद ने सोमवार की सुबह केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में अपनी अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही पुलिस प्रशासन और उनके जानने वालों में शोक की लहर दौड़ गई है।

शशि थरूर ने जताया गहरा दुख

तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोशल मीडिया पर शफीन अहमद को याद करते हुए एक अत्यंत भावुक संदेश साझा किया है। थरूर ने अपनी पोस्ट में शफीन अहमद की कार्यशैली, उनके विनम्र स्वभाव और उनकी तीक्ष्ण बुद्धि की जमकर सराहना की है। थरूर के लिए यह व्यक्तिगत क्षति की तरह है क्योंकि वे शफीन अहमद को काफी करीब से जानते थे और उनके काम करने के अंदाज के कायल थे। सांसद ने उन्हें प्रशासनिक सेवा का एक बेहतरीन सितारा बताया है, जिसका असमय जाना समाज और देश के लिए एक बड़ी कमी है।

कौन थे आईपीएस शफीन अहमद

शफीन अहमद 2003 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के अधिकारी थे। वे मूल रूप से केरल के रहने वाले थे। पुलिस सेवा में कदम रखने से पहले उन्होंने अपनी तकनीकी शिक्षा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, त्रिवेंद्रम से पूरी की थी। अपनी दो दशकों से अधिक की लंबी और शानदार सेवा अवधि के दौरान उन्होंने ओडिशा पुलिस में कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील जिम्मेदारियां संभालीं। निधन के समय वे ओडिशा पुलिस के सीआईडी-सीबी (CID-CB) में पुलिस महानिरीक्षक (IG) के पद पर तैनात थे। उन्हें विशेष रूप से साइबर क्राइम के मामलों में विशेषज्ञ माना जाता था और उन्होंने अपराध शाखा को आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।

शशि थरूर के साथ जुड़ाव और यादें

शफीन अहमद जब डेपुटेशन पर अपने गृह राज्य केरल आए थे, तब उन्होंने तिरुवनंतपुरम के ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यभार संभाला था। इसी कार्यकाल के दौरान शशि थरूर का उनसे परिचय हुआ था। थरूर ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'तिरुवनंतपुरम ग्रामीण एसपी के रूप में डेपुटेशन के दौरान मेरी शफीन से मुलाकात हुई थी। वे एक अत्यंत विचारशील और हमेशा शिष्ट रहने वाले अधिकारी थे। उनमें गजब की बौद्धिक क्षमता थी, लेकिन वे कभी भी अपनी योग्यता का अहंकार नहीं करते थे।' थरूर ने आगे बताया कि हालांकि शफीन बाद में ओडिशा वापस लौट गए थे, लेकिन उनका तिरुवनंतपुरम शहर के साथ भावनात्मक लगाव हमेशा बना रहा। वे वर्षों तक संपर्क में रहे, और थरूर के अनुसार, इतनी कम उम्र में अपने प्रिय शहर में उनका इस तरह जाना अत्यंत कष्टकारी है।

पुलिस विभाग में शोक की लहर

आईपीएस शफीन अहमद को पुलिस महकमे में एक ऐसे अफसर के रूप में पहचाना जाता था, जो किसी भी पेचीदा मामले को बड़ी शांति और कुशलता के साथ सुलझाने में माहिर थे। उनके सहयोगियों का कहना है कि वे न केवल एक बेहतरीन पुलिस अधिकारी थे, बल्कि एक सरल हृदय इंसान भी थे। ओडिशा पुलिस और केरल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है और उनके द्वारा किए गए कार्यों को याद किया है।

सांसद शशि थरूर और उनकी सक्रियता

कांग्रेस सांसद शशि थरूर अपने राजनीतिक करियर के साथ-साथ अपनी संवेदनशीलता के लिए भी अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। साल 2009 में संयुक्त राष्ट्र की नौकरी छोड़कर राजनीति में आने वाले थरूर ने तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से लगातार चार बार जीत दर्ज कर एक कीर्तिमान स्थापित किया है। उनकी अंग्रेजी भाषा पर पकड़, उनका उच्चारण और उनकी कार्यशैली हमेशा चर्चा का विषय रही है। हालांकि, इस बार वे अपने किसी राजनीतिक बयान के लिए नहीं, बल्कि एक दिवंगत पुलिस अधिकारी के प्रति अपनी आत्मीयता और संवेदनशीलता के कारण सुर्खियों में हैं। यह भावुक पोस्ट उनके उस व्यक्तित्व को भी दर्शाती है जो सार्वजनिक जीवन में बहुत कम देखने को मिलता है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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