कौन है अनिल पंडित? अमेरिका में बैठकर भारत में रंगदारी और गोलीबारी करवाने का आरोप, टाइगर श्रॉफ मामले में भी सामने आया नाम भारत एक घंटा पहले 5
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़े मामले के बाद अमेरिका में बैठे अनिल पंडित का नाम अचानक चर्चा में आ गया है। आरोप है कि वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़कर भारत के कई राज्यों में गोलीबारी और रंगदारी के आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा है।

मायानगरी से लेकर कई राज्यों में फैला नेटवर्क

बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की घटना के बाद से लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गया है। इस पूरे मामले की जांच के दौरान अनिल पंडित का नाम प्रमुखता से सामने आया है। जांच से जुड़ी जानकारियों के अनुसार, हरियाणा के पानीपत जिले का रहने वाला अनिल पंडित वर्ष 2023 में भारत छोड़कर विदेश भाग गया था। उसकी विदेश यात्रा का रूट काफी जटिल बताया जाता है, वह पहले कनाडा गया, फिर थाईलैंड और दुबई के रास्ते होते हुए अमेरिका के कैलिफोर्निया शहर पहुंच गया।

सुरक्षा और जांच एजेंसियों का आरोप है कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहकर अनिल पंडित भारत में मौजूद अपने कथित शूटरों के नेटवर्क को नियंत्रित कर रहा है। वह वहीं से निर्देश देकर देश के अलग-अलग राज्यों में गोलीबारी, जानलेवा हमले और रंगदारी वसूलने जैसी आपराधिक वारदातों को अंजाम दिलवा रहा है।

इन प्रमुख राज्यों और शहरों से जुड़े हैं अनिल पंडित के तार

पुलिस जांच में सामने आए इनपुट के आधार पर अनिल पंडित के शूटरों के तार देश के कई इलाकों से जुड़े हुए पाए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • हरियाणा: पानीपत और सोनीपत जिले
  • दिल्ली: पश्चिम विहार इलाका
  • राजस्थान बॉर्डर: भिवाड़ी और आसपास का क्षेत्र
  • महाराष्ट्र: पुणे शहर

विभिन्न राज्यों में हुई आपराधिक घटनाओं के बाद पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई में अनिल पंडित से जुड़े कई कथित शूटरों को गिरफ्तार भी किया गया है। हालांकि, जांच अधिकारियों का कहना है कि इन सभी वारदातों में उसकी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका तथा आपस में उनके संबंधों की अंतिम पुष्टि आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड, आरोपपत्र और अदालती प्रक्रिया के आधार पर ही संभव होगी।

कौन है अनिल पंडित और कैसे पहुंचा विदेश?

उपलब्ध पुलिस आंकड़ों और जांच से मिली जानकारी के मुताबिक अनिल पंडित की उम्र करीब 32 वर्ष है। वह मूल रूप से हरियाणा के पानीपत जिले में स्थित गांव रैर कलां का रहने वाला है। वह वर्ष 2023 में अपने निजी पासपोर्ट का इस्तेमाल करके भारत से कनाडा के लिए रवाना हुआ था।

कनाडा पहुंचने के बाद उसका संपर्क कथित तौर पर कुख्यात गैंगस्टर रणदीप मलिक से हुआ, जो पहले से अमेरिका में मौजूद बताया जाता है। रणदीप मलिक के संपर्क में आने के बाद अनिल पंडित अमेरिका के कैलिफोर्निया पहुंच गया और वहां से लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा बन गया। अब भारतीय जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है कि विदेश में बैठे ये हैंडलर किस तरह भारत में मौजूद अपराधियों से संपर्क साधते हैं और उन्हें वारदातों को अंजाम देने के निर्देश भेजते हैं।

पानीपत में रंगदारी वसूलने के लिए गोलीबारी का आरोप

पिछले छह महीनों के दौरान हरियाणा के पानीपत जिले में रंगदारी मांगने की कई घटनाओं में अनिल पंडित का नाम सामने आया है। पुलिस में दर्ज मामलों के अनुसार, व्यापारियों और प्रमुख लोगों से रंगदारी वसूलने के इरादे से दो से तीन अलग-अलग स्थानों पर गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम दिया गया। इन वारदातों में अनिल पंडित के शूटरों की सीधी संलिप्तता होने का दावा किया गया है।

इन घटनाओं के सामने आने के बाद हरियाणा पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कुछ शूटरों को सलाखों के पीछे भेजा है। पुलिस की जांच का मुख्य बिंदु यह है कि क्या ये वारदातें स्थानीय आपराधिक तत्वों ने अपनी पहल पर की थीं, या फिर इसके पीछे विदेश में बैठे गैंग ऑपरेटिव्स का सीधा दिशा-निर्देश काम कर रहा था।

पश्चिम विहार में गायक गुरु रंधावा से जुड़े जिम पर हमला

राजधानी दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुरु रंधावा से संबंधित एक जिम पर ताबड़तोड़ गोलीबारी हुई थी। इस मामले में भी अनिल पंडित का नाम मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया। आरोप है कि उसी के इशारे पर शूटरों ने इस घटना को अंजाम दिया था।

मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने मुस्तैदी दिखाते हुए अनिल पंडित से सीधे तौर पर जुड़े चार कथित शूटरों को गिरफ्तार किया था। जांच में खुलासा हुआ कि ये आरोपी एनक्रिप्टेड मैसेजिंग प्लेटफॉर्म सिग्नल ऐप के जरिए अमेरिका में बैठे अनिल पंडित के सीधे संपर्क में थे। पकड़े गए शूटरों के पास से अत्याधुनिक विदेशी हथियार भी बरामद किए गए थे। फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि हथियारों की यह खेप किसने उपलब्ध कराई थी और वारदात से पहले व बाद में उनके बीच किस तरह तालमेल बनाया गया था।

पुणे के ज्वेलरी शोरूम पर फायरिंग में भी सामने आया नाम

दिल्ली के पश्चिम विहार में हुई वारदात के महज 15 दिन बाद महाराष्ट्र के पुणे शहर में स्थित एक नामी ज्वेलरी शोरूम पर गोलीबारी की घटना हुई। इस सनसनीखेज मामले में भी अनिल पंडित के नेटवर्क का नाम सामने आया। महाराष्ट्र पुलिस ने मामले की तहकीकात करते हुए अनिल पंडित और शुभम लोनकर के कथित गिरोह से जुड़े शूटरों को दबोच लिया।

जांच में सामने आया कि ज्वेलरी शोरूम पर गोलीबारी करने वाले तीनों शूटर राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के निवासी थे। इस मामले में पुलिस के सामने मुख्य सवाल यह है कि राजस्थान के रहने वाले ये शूटर पुणे तक कैसे पहुंचे, उन्हें वहां किस माध्यम से हथियार उपलब्ध कराए गए, और इस पूरी साजिश में अनिल पंडित तथा शुभम लोनकर की क्या भूमिका थी।

भिवाड़ी में गायक दिलेर खरकिया की कार पर अंधाधुंध फायरिंग

राजस्थान सीमा से सटे हरियाणा के भिवाड़ी क्षेत्र में मशहूर गायक दिलेर खरकिया की कार पर हुई गोलीबारी की वारदात को भी अनिल पंडित के नेटवर्क से जोड़कर देखा जा रहा है। आरोप है कि इस हमले के पीछे भी अनिल पंडित के इशारे और गिरोह का हाथ था।

पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि इस हमले का मुख्य मकसद क्या था? क्या गायक से किसी तरह की रंगदारी मांगी गई थी या उन्हें डराने-धमकाने के उद्देश्य से यह हमला कराया गया था? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आधिकारिक बयान और जांच में ठोस सबूत सामने आने के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा।

सोनीपत में दहशत फैलाने के लिए गोलीबारी और एनकाउंटर

हरियाणा के सोनीपत जिले में भी लोगों को डराने और धमकी देने के उद्देश्य से गोलीबारी करवाने का आरोप अनिल पंडित पर लगा है। इस मामले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हरियाणा एसटीएफ के साथ मिलकर एक बड़ा संयुक्त ऑपरेशन चलाया।

कार्रवाई के दौरान कुंडली इलाके में पुलिस और कथित शूटर रोहित दहिया के बीच मुठभेड़ हो गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह एक हाफ एनकाउंटर था जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का मानना है कि इस कार्रवाई से शूटर नेटवर्क के बड़े राज खुल सकते हैं। जांच एजेंसी यह भी देख रही है कि सोनीपत की इस घटना का संबंध दिल्ली, पुणे और पानीपत की अन्य वारदातों से कितना गहरा है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नेटवर्क में शामिल अन्य प्रमुख नाम

अनिल पंडित के अलावा लॉरेंस बिश्नोई के इस विस्तृत आपराधिक नेटवर्क में कई अन्य प्रमुख चेहरों के नाम भी चर्चा में बने हुए हैं। इनमें शामिल हैं:

  • रणदीप मलिक: जिसके अमेरिका में मौजूद होने की जानकारी मिली है।
  • हैरी बॉक्सर: गिरोह का कथित सक्रिय सहयोगी।
  • हरमन संधू: नेटवर्क से जुड़ा अन्य संदिग्ध।
  • टायसन बिश्नोई: आपराधिक गतिविधियों में शामिल सदस्य।
  • शुभम लोनकर: पुणे और अन्य मामलों में नामजद आरोपी।

हालांकि, जांच एजेंसियों का कहना है कि इन सभी लोगों के आपसी संबंध, उनकी विशिष्ट भूमिकाएं और अलग-अलग वारदातों में उनकी भागीदारी को एक ही नजरिए से नहीं देखा जा सकता। प्रत्येक मामले में इनकी संलिप्तता की पुष्टि कोर्ट में दाखिल चार्जशीट और कानूनी सबूतों के आधार पर ही होगी।

विदेश में बैठकर अपराध का संचालन: नया गैंग मॉडल

अनिल पंडित और उसके सहयोगियों पर लगे आरोपों से एक बेहद खतरनाक ऑपरेटिंग मॉडल का खुलासा होता है। इस मॉडल के तहत विदेश में सुरक्षित बैठे हैंडलर भारत में मौजूद स्थानीय शूटरों से सीधे जुड़े रहते हैं।

इस पूरे नेटवर्क की मुख्य कार्यप्रणाली निम्नलिखित बिंदुओं पर आधारित है:

  • सुरक्षित संचार: सिग्नल ऐप जैसे एनक्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के माध्यम से सीधे निर्देश देना।
  • शूटरों की आवाजाही: एक राज्य के अपराधियों को दूसरे राज्य में वारदात के लिए भेजना।
  • अत्याधुनिक हथियार: वारदात से ठीक पहले विदेशी हथियारों की आपूर्ति सुनिश्चित करना।
  • वित्तीय और लॉजिस्टिक सहायता: विदेश से ही फंडिंग और रहने-ठहरने की व्यवस्था संचालित करना।

पानीपत से शुरू होकर दिल्ली, सोनीपत, भिवाड़ी और पुणे तक फैले इस मकड़जाल को तोड़ना और इसके पीछे मौजूद वित्तीय ढाँचे का पर्दाफाश करना जांच एजेंसियों के सामने एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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