स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर किसका कब्जा, ट्रंप के दावे को ईरान ने सिरे से नकारा विश्व 2 घंटे पहले 4
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण के दावे पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह क्षेत्र पूरी तरह उनके प्रबंधन और सुरक्षा निगरानी में है।

तनाव की नई कड़ी

हॉर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz की रणनीतिक अहमियत को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर अमेरिका का पूरी तरह से नियंत्रण है। ट्रंप के इस बयान के ठीक एक दिन बाद ईरान ने गुरुवार, 13 अगस्त को कड़े शब्दों में इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि जलडमरूमध्य अब भी पूरी तरह से ईरान के प्रबंधन और नियंत्रण में है।

ईरान का कड़ा रुख

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के तहत आने वाली बासिज मिलिशिया के प्रमुख हुसैन ताएब ने सरकारी टेलीविजन पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि Strait of Hormuz पूरी तरह से इस्लामिक रिपब्लिक के अधिकार क्षेत्र में है और ईरान इसे पूरी सुरक्षा के साथ संचालित कर रहा है।

अब्बास अराघची की टिप्पणी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भी अमेरिकी दावों की तीखी आलोचना की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका का यह दावा उसके गलत आकलन का परिणाम है। उन्होंने इसे अमेरिका की खुफिया विफलताओं की एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा बताया। अराघची के मुताबिक, युद्ध की धमकियों से लेकर जलडमरूमध्य तक, अमेरिका लगातार ईरान को लेकर बड़ी गलतफहमी का शिकार रहा है।

इजरायल और अमेरिका के जहाजों पर रोक

ईरानी संसद के सदस्य और राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के पदाधिकारी बेहनाम सईदी ने स्थिति को और स्पष्ट करते हुए बताया कि हॉर्मुज से गुजरने को लेकर सख्त पाबंदियां लागू की गई हैं। विशेष रूप से अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों पर यह प्रतिबंध प्रभावी है। उन्होंने कहा कि इजरायल से संबंधित किसी भी जहाज को शांति हो या युद्ध, किसी भी सूरत में हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

ट्रंप का 'टोटल कंट्रोल' वाला दावा

यह पूरा विवाद बुधवार को आए डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया था। ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी को एक अभेद्य 'स्टील की दीवार' बताते हुए कहा था कि ईरान इस स्थिति में कुछ नहीं कर सकता। हालांकि, ईरान ने इन दावों को केवल बयानबाजी करार देते हुए क्षेत्र पर अपनी पकड़ मजबूत होने की बात दोहराई है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप