मॉनसून सत्र का हुआ समापन, विपक्ष के भारी हंगामे के बीच लोकसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 3
संसद का मॉनसून सत्र हंगामे और गतिरोध के चलते समय से पहले समाप्त हो गया है। आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सदन में मौजूद रहे, लेकिन कार्यवाही शुरू होते ही इसे स्थगित कर दिया गया।

सत्र का हंगामेदार समापन

संसद का मॉनसून सत्र गुरुवार को भारी विरोध प्रदर्शनों और गतिरोध के साये में संपन्न हो गया। 21 जुलाई से शुरू हुए इस सत्र के दौरान लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों में कामकाज सुचारू रूप से नहीं चल सका और बार-बार व्यवधान की स्थिति बनी रही। सत्र के अंतिम दिन की कार्यवाही पर भी हंगामे के बादल छाए रहे, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद सदन में उपस्थित थे।

विपक्ष की प्रमुख मांगें

विपक्षी दलों ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई को लेकर कड़ी आपत्ति जताई थी। विपक्ष का आरोप था कि पुलिस ने प्रदर्शनकारी छात्रों के साथ बर्बरता की है। इसके अतिरिक्त, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित चंदे से जुड़े विवादों पर भी विपक्ष चर्चा करने की मांग पर अड़ा रहा। विपक्षी सदस्य लगातार यह मांग कर रहे थे कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन विषयों पर सदन में अपना बयान दें।

सत्र का अंतिम दिन

बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के सवालों का जवाब देने पर सहमति जताई थी, लेकिन एक लंबी बहस के प्रस्ताव पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कोई आम सहमति नहीं बन पाई। सत्र के अंतिम दिन उम्मीद जताई जा रही थी कि कोई समाधान निकलेगा, हालांकि ऐसा नहीं हुआ। जैसे ही लोकसभा की बैठक शुरू हुई, स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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