एसबीआई की 444 दिनों वाली विशेष एफडी स्कीम: वरिष्ठ नागरिकों को मिल रहा बंपर ब्याज, निवेश से पहले जानें पूरा गणित मेरा पैसा 3 घंटे पहले 3
भारतीय स्टेट बैंक अपनी विशेष 'अमृत वृष्टि' एफडी योजना के तहत निवेशकों को शानदार ब्याज दरें ऑफर कर रहा है, जिसमें वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों को सबसे अधिक फायदा मिल रहा है।

सुरक्षित निवेश और निश्चित रिटर्न की चाह रखने वाले निवेशकों के लिए देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) एक बेहद शानदार मौका लेकर आया है। यदि आप बिना किसी जोखिम के अपनी मेहनत की कमाई पर बेहतरीन मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो एसबीआई की 444 दिनों की विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) योजना जिसे 'अमृत वृष्टि' नाम दिया गया है, आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। इस विशेष अवधि वाली योजना पर बैंक आम ग्राहकों के साथ-साथ वरिष्ठ और अति वरिष्ठ नागरिकों को भी बेहद आकर्षक ब्याज दे रहा है। आइए जानते हैं कि इस योजना के तहत किस वर्ग को कितना फायदा मिल रहा है।

444 दिनों की एफडी पर ब्याज का पूरा हिसाब

भारतीय स्टेट बैंक की इस विशेष योजना में 3 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि पर सालाना 6.45 प्रतिशत से लेकर 7.05 प्रतिशत तक का शानदार ब्याज दिया जा रहा है। अलग-अलग आयु वर्ग के लिए बैंक की ब्याज दरें इस प्रकार निर्धारित की गई हैं:

  • सामान्य नागरिक (59 वर्ष की उम्र तक): 444 दिनों की इस विशेष एफडी स्कीम में निवेश करने वाले आम नागरिकों को बैंक द्वारा सालाना 6.45 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जा रहा है।
  • वरिष्ठ नागरिक (60 से 79 वर्ष की उम्र तक): इस आयु वर्ग में आने वाले बुजुर्ग निवेशकों को बैंक की तरफ से सालाना 6.95 प्रतिशत का आकर्षक ब्याज मिल रहा है।
  • अति वरिष्ठ नागरिक (80 वर्ष और उससे अधिक उम्र): 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के अति वरिष्ठ नागरिकों को इस योजना में सबसे अधिक यानी सालाना 7.05 प्रतिशत का जबरदस्त रिटर्न दिया जा रहा है।

वरिष्ठ नागरिकों को मिल रहा है अतिरिक्त लाभ

एसबीआई बुजुर्गों को वित्तीय सुरक्षा और बेहतर रिटर्न का लाभ देने के उद्देश्य से इस योजना में सामान्य नागरिकों की तुलना में 0.50 प्रतिशत का अतिरिक्त ब्याज दे रहा है। इसके साथ ही, अति वरिष्ठ नागरिकों को वरिष्ठ नागरिकों के लिए तय दर से भी 0.10 प्रतिशत अधिक का फायदा दिया जा रहा है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि आम निवेशकों के मुकाबले अति वरिष्ठ बुजुर्गों को 0.60 प्रतिशत का अतिरिक्त ब्याज मिल रहा है। आपको बता दें कि बैंक ने एफडी की इन ब्याज दरों में अपना आखिरी बदलाव दिसंबर 2025 में किया था, और तब से ये दरें निरंतर प्रभावी हैं।

एसबीआई को पहली तिमाही में हुआ ₹24,113 करोड़ का भारी मुनाफा

ग्राहकों के भरोसे के साथ-साथ भारतीय स्टेट बैंक की वित्तीय स्थिति भी लगातार मजबूत बनी हुई है। बैंक द्वारा जारी चालू वित्त वर्ष के पहले तिमाही के नतीजों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून तिमाही) में एसबीआई का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट (एकीकृत शुद्ध लाभ) सालाना आधार पर 13.73 प्रतिशत बढ़कर 24,113 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

इससे पहले, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की जून तिमाही में बैंक को 21,201.47 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। वहीं, इसके ठीक पहले यानी मार्च तिमाही में एसबीआई ने 19,642.87 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हासिल किया था। बैंक के ये शानदार आंकड़े इसकी मजबूती और बाजार में इसकी मजबूत पकड़ को दर्शाते हैं।

राजीव खन्ना पाबना के व्यापार संवाददाता हैं और कंपनियों, बाजार तथा अर्थव्यवस्था की खबरों को सरल भाषा में समझाते हैं। कारोबार जगत के बड़े फैसलों, नीतिगत बदलावों और उनके आम आदमी पर असर को वे गहराई से कवर करते हैं। उनका मकसद जटिल आर्थिक खबरों को हर पाठक के लिए आसान बनाना है।

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