मिर्जापुर वेब सीरीज पर भड़के मेवाड़ के संगठन, महाराणा प्रताप और चेतक पर बने गीत के इस्तेमाल का जताया विरोध मनोरंजन 3 घंटे पहले 7
मिर्जापुर वेब सीरीज में महाराणा प्रताप और उनके घोड़े चेतक से संबंधित गीत को गलत संदर्भ में इस्तेमाल करने पर मेवाड़ के कई सामाजिक संगठनों ने कड़ा ऐतराज जताया है।

विवाद की वजह क्या है

लोकप्रिय वेब सीरीज मिर्जापुर एक बार फिर विवादों में घिर गई है। इस बार विवाद की जड़ शो में इस्तेमाल किया गया एक गीत है, जिसमें महान योद्धा महाराणा प्रताप और उनके स्वामिभक्त घोड़े चेतक का जिक्र है। आरोप है कि इस गीत को सीरीज के ऐसे दृश्यों में बजाया गया है, जहां गैंगवार, हिंसा और नकारात्मक किरदारों को दिखाया जा रहा है। इस प्रस्तुति से मेवाड़ क्षेत्र के लोगों में भारी आक्रोश है।

संगठनों की बड़ी आपत्ति

मेवाड़ के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने इस मामले को लेकर मोर्चा खोल दिया है। विरोध करने वालों में मुख्य रूप से राजपूत, क्षत्रिय, ब्राह्मण और जैन समाज से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हैं। इन संगठनों का कहना है कि महाराणा प्रताप और चेतक केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि देश के शौर्य, त्याग और स्वाभिमान के सबसे बड़े प्रतीक हैं। निर्माताओं पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपनी कहानी के नकारात्मक पहलुओं को उभारने के लिए इन महापुरुषों की गरिमा से खिलवाड़ किया है, जिससे करोड़ों लोगों की धार्मिक और ऐतिहासिक भावनाएं आहत हुई हैं।

सेंसर बोर्ड और निर्माताओं से मांग

विरोध कर रहे संगठनों ने अपनी मांगें स्पष्ट कर दी हैं। उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • सेंसर बोर्ड तत्काल प्रभाव से इस गीत को वेब सीरीज से हटाए।
  • वेब सीरीज के निर्माताओं को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
  • भविष्य में इस तरह के कंटेंट के प्रति निर्माताओं को अधिक संवेदनशील होना चाहिए।

आगे की रणनीति

संगठनों ने यह भी स्पष्ट किया है कि वे इस मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाएंगे, लेकिन यह पूरी तरह से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से होगा। वे किसी भी हाल में अपने गौरवशाली इतिहास के अपमान को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। फिलहाल, इस पूरे प्रकरण पर वेब सीरीज के निर्माताओं की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप