ईरान के साथ युद्ध की तैयारी पर डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा खुलासा, बताया क्यों टला हमला विश्व 15 घंटे पहले 3
डोनाल्ड ट्रंप ने लास वेगास में एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि अमेरिका ईरान पर दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले की पूरी तैयारी कर चुका था, लेकिन कूटनीतिक रुख अपनाने का फैसला लिया गया।

युद्ध की दहलीज पर खड़ा था अमेरिका

लास वेगास में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि अमेरिका ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा सैन्य हमला करने की पूरी तैयारी कर चुका था, जिसे दूसरे विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला माना जा सकता था। हालांकि, अंतिम समय में इस कार्रवाई को टाल दिया गया क्योंकि ईरान ने वार्ता के जरिए मामले को सुलझाने का प्रस्ताव रखा था।

परमाणु हथियारों को लेकर सख्त रुख

ईरान के प्रति अपने कड़े रुख को दोहराते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि तेहरान किसी भी स्थिति में परमाणु हथियार विकसित करने में सफल नहीं होगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों के चलते ईरान काफी हद तक कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा, हम दूसरे विश्व युद्ध के बाद के सबसे बड़े हमले के लिए तैयार थे, तभी उन्होंने मुझे फोन किया और आग्रह किया कि कृपया ऐसा न करें, आइए बातचीत करते हैं। फिलहाल दोनों पक्ष चर्चा कर रहे हैं और आगे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान अब अमेरिका का सम्मान करता है और परमाणु हथियार हासिल करना उनके लिए संभव नहीं होगा।

सैन्य कार्रवाई के बजाय समझौते को प्राथमिकता

बुधवार को डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए कि वे ईरान के विरुद्ध और अधिक सैन्य बल का प्रयोग करने के बजाय कूटनीतिक समझौते को अधिक प्राथमिकता देंगे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मैं संघर्ष में लोगों की जान नहीं गंवाना चाहता, इसलिए समझौता करना मेरी पहली पसंद है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वॉशिंगटन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु शक्ति संपन्न न बन सके। ट्रंप ने अपनी रणनीति की तुलना वेनेजुएला में अपनाई गई कार्यप्रणाली से की और दावा किया कि इन दोनों ही मामलों में अमेरिका को लाभ हुआ है।

होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान के साथ प्रगति

यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ओमान के साथ एक नए समझौते की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की घोषणा की है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्गों में से एक माने जाने वाले इस क्षेत्र को लेकर ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि समझौते का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने संकेत दिए कि यदि कुछ बाहरी पक्ष इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप न करें, तो जल्द ही एक संयुक्त बयान जारी किया जाएगा। विश्लेषक इसे अमेरिका के लिए एक सीधे संदेश के रूप में देख रहे हैं। ट्रंप के हालिया बयान उन मिले-जुले संकेतों के बीच आए हैं जिनमें कभी वे हमले की धमकी देते नजर आते हैं, तो कभी उन्हें समझौते की उम्मीद दिखाई देती है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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