महाराष्ट्र के वाशिम में बिजली कटौती से त्रस्त ग्रामीणों का अनोखा विरोध, बिजली दफ्तर के बाहर ही सोकर जताया आक्रोश महाराष्ट्र एक महीने पहले 41
महाराष्ट्र के वाशिम जिले में अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ ग्रामीणों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए बिजली विभाग के कार्यालय को ही अपना ठिकाना बना लिया है। अपनी मांगों के समर्थन में सैकड़ों लोग बिस्तर लेकर सड़क पर उतर आए हैं और पुलिस वहां स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

बिजली ऑफिस बना ग्रामीणों का ठिकाना

महाराष्ट्र के वाशिम जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां बिजली की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा रास्ता चुना है। वाशिम के मानोरा तहसील के अंतर्गत आने वाले कारखेडा और उसके आसपास के गांवों के लोग बिजली कटौती से इतने तंग आ गए कि उन्होंने बिजली विभाग के दफ्तर के बाहर ही अपना डेरा जमा लिया। गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर अपने बिस्तर और चारपाई बिछाकर वहीं सोना शुरू कर दिया है। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थानीय पुलिस भी मौके पर तैनात दिखी, जो स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लगातार पहरा दे रही है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी तेजी से प्रसारित हो रहा है।

लगातार बिजली कटौती से ग्रामीणों का आक्रोश

ग्रामीणों का कहना है कि वे इस विरोध प्रदर्शन के जरिए विभाग को अपनी पीड़ा बताना चाहते हैं। कारखेडा के निवासियों ने आरोप लगाया है कि पिछले कई दिनों से रात के समय घंटों बिजली गायब रहती है। उमस भरी गर्मी के कारण लोगों का घरों के भीतर रहना दूभर हो गया है। साथ ही, किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई के लिए भी रात में बिजली नहीं मिल पा रही है, जिससे उनकी खेती पर सीधा असर पड़ रहा है। बार-बार शिकायतों के बाद भी जब अधिकारियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण अपने गद्दे और चादर लेकर सीधे महावितरण कार्यालय पहुंच गए। उनका स्पष्ट कहना है कि जब गांव में बिजली नहीं मिल रही, तो वे अपना समय बिजली विभाग के दफ्तर के बाहर ही बिताएंगे।

पुलिस को दी गई औपचारिक चेतावनी

इस विरोध प्रदर्शन से पहले ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी भी दी थी। कारखेडा ग्राम पंचायत की तरफ से मानोरा पुलिस स्टेशन के निरीक्षक को एक लिखित शिकायत सौंपी गई थी। इस पत्र में विस्तार से बताया गया कि कारखेडा, वरोली, रामतीर्थ और आसपास के गांवों में पिछले सोमवार से हर दिन शाम 7 बजे से रात 11 बजे के बीच अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया था कि बिजली न होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित हो रही है और भीषण गर्मी के कारण बीमारियां बढ़ रही हैं। ग्राम पंचायत सदस्य बबन नारायणराव देशमुख और अन्य ग्रामीणों द्वारा हस्ताक्षरित इस पत्र में चेतावनी दी गई थी कि यदि 18 जुलाई 2026 की रात को भी बिजली कटौती जारी रही, तो वे बिजली वितरण केंद्र के परिसर में 'झोपा आंदोलन' यानी सोकर अपना विरोध प्रकट करेंगे। अब जबकि उनकी मांगें अनसुनी की गईं, तो ग्रामीणों ने अपने इस संकल्प को पूरा कर दिया है और चेतावनी दी है कि यदि बिजली आपूर्ति को नियमित नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन और भी उग्र रूप ले सकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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