विजय की सरकार इंस्टाग्राम रील और दिखावे के भरोसे, टीवीके का शासन महज एक फिल्म जैसा: टीटीवी दिनाकरण राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 5
अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम के नेता टीटीवी दिनाकरण ने तमिलनाडु सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और इसे सिनेमाई दिखावे से प्रेरित बताया है।

सत्ता के गलियारों में टीवीके के खिलाफ मोर्चा

तमिलनाडु की राजनीति में सत्तारूढ़ दल तमिल वेत्री कषगम यानी टीवीके के खिलाफ अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम के महासचिव टीटीवी दिनाकरण ने कड़ा रुख अपना लिया है। एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सी जोसेफ की सरकार पर सीधा हमला बोला और इसे जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटा हुआ करार दिया। दिनाकरण के अनुसार, यह सरकार जनता की भलाई के बजाय केवल दिखावे और फिल्मी चकाचौंध के दम पर चल रही है।

सोशल मीडिया रील्स और ग्लैमर का इस्तेमाल

दिनाकरण ने आरोप लगाया कि टीवीके ने अपनी चुनावी रणनीति में केवल सोशल मीडिया और फिल्मी ग्लैमर का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने ऐसे अनजान चेहरों को टिकट दिए जिनका राजनीति से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। इंस्टाग्राम रील्स और युवाओं को बरगलाने वाले विज्ञापनों के दम पर इस दल ने विधानसभा में 108 सीटें हासिल कीं। दिनाकरण के शब्दों में, यह पूरा शासन तंत्र किसी फिल्म को देखने जैसा है, जहां वास्तविकता का कोई स्थान नहीं है और सरकार के कामकाज का जमीनी सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है।

विधायकों की योग्यता पर खड़े किए सवाल

दिनाकरण ने सरकार में शामिल मंत्रियों और नवनिर्वाचित विधायकों की कार्यक्षमता पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन प्रतिनिधियों को तमिल भाषा के साथ-साथ गणित के सामान्य ज्ञान का भी अभाव है। उन्होंने कई ऐसे उदाहरण दिए जहां टीवीके के विधायक साधारण संख्याओं को पढ़ने में गलती कर रहे थे और मिलीलीटर को मिलीमीटर समझने जैसी गंभीर चूक कर रहे थे, जिससे प्रशासन की साख पर प्रश्नचिह्न लग गया है।

मुख्यमंत्री के मौन और विफलता पर निशाना

मुख्यमंत्री विजय की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए दिनाकरण ने कहा कि उन्होंने विधानसभा के शुरुआती 100 दिनों में पूरी तरह मौन साधे रखा। मुख्यमंत्री लिखित बयानों को पढ़ने में भी संघर्ष करते दिखाई दिए। दिनाकरण का यह भी कहना है कि विजय सरकार को किसी फिल्म की शूटिंग के समय-सारणी की तरह चला रहे हैं, न कि जनहित के शासन की तरह।

झूठे वादों का जंजाल

दिनाकरण ने चुनाव से पूर्व जनता से किए गए वादों को खोखला बताया। उन्होंने याद दिलाया कि 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता, 6 गैस सिलेंडर और किसानों की कर्ज माफी जैसे लुभावने वादे किए गए थे। अब इन वादों को पूरा करने में अक्षम यह अनुभवहीन प्रशासन बुरी तरह से विफल हो रहा है और उसे यह समझ नहीं आ रहा है कि प्रदेश का कामकाज कैसे संभाला जाए।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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