मध्य प्रदेश
12 घंटे पहले
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विदिशा जिले की ग्यारसपुर तहसील की ग्राम पंचायत बंजरिया के अंतर्गत आने वाले ग्राम मेहदौन में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत चल रहे विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि योजना के नियमों को दरकिनार कर करीब 40 बीघा क्षेत्र में तालाब बनाने का काम कराया जा रहा है और इसमें स्थानीय मजदूरों को काम देने के बजाय जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है।
कलेक्टर से शिकायत, निष्पक्ष जांच की मांग
इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपी है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ताओं में भीकम सिंह राजपूत और रघुवीर सिंह राजपूत सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। उनका आरोप है कि ग्राम पंचायत बंजरिया के सरपंच गजराज सिंह लोधी और सचिव सुनील अहिरवार नियमों को ताक पर रखकर कार्य करा रहे हैं।
मशीनों से काम, मजदूरों का हक मारने का आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा का मूल उद्देश्य ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना है, लेकिन यहां मशीनों से काम कराकर योजना की भावना को ही प्रभावित किया जा रहा है। उनका तर्क है कि यदि यह काम मजदूरों से कराया जाता तो गांव के कई परिवारों को रोजगार मिल सकता था। आरोप है कि बंजरिया में तालाब निर्माण का काम गरीब मजदूरों के बजाय पूरी तरह जेसीबी मशीनों से कराया जा रहा है, जिससे मजदूरों का हक मारा जा रहा है।
नियमों के विपरीत बड़े क्षेत्र में तालाब निर्माण
शिकायत में बताया गया है कि मनरेगा के नियमों के अनुसार तालाब का निर्माण अधिकतम 10 बीघा क्षेत्र में ही किया जा सकता है। इसके बावजूद सरपंच के सगे भाई श्याम लोधी की भूमि पर करीब 40 बीघा क्षेत्र में तालाब का अवैध निर्माण कराया जा रहा है।
उपसरपंच ने लगाया धमकाने का आरोप
इसके अलावा ग्राम पंचायत की उपसरपंच रूपकमर बाई ने आरोप लगाया है कि जब उन्होंने पंचायत का हिसाब-किताब मांगा तो उन्हें धमकियां दी गईं।
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