Vastu Tips: किस दिशा में रखा कूलर बिगाड़ सकता है आर्थिक हालात, जानें घर में कहां रखना है शुभ धर्म एक घंटा पहले 2
वास्तु शास्त्र के अनुसार कूलर जल और वायु तत्व का मेल है, इसलिए इसे सही दिशा में रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है, जबकि गलत दिशा आर्थिक और पारिवारिक परेशानियां ला सकती है।

Cooler Vastu Niyam: तपती गर्मी में एयर कूलर राहत पाने का सबसे सस्ता और सुलभ जरिया माना जाता है। लेकिन वास्तु शास्त्र की मानें तो कूलर महज एक बिजली का उपकरण नहीं है, बल्कि इसमें जल और वायु दोनों तत्वों का संगम होता है। इसी कारण घर में इसे किस दिशा में रखा गया है, इसका सीधा प्रभाव घर के माहौल और ऊर्जा पर पड़ता है। वास्तु की मान्यताओं के अनुसार उपयुक्त दिशा में रखा गया कूलर अच्छे परिणाम देता है, वहीं अनुचित दिशा कई तरह की मुश्किलें खड़ी कर सकती है।

वायव्य कोण है सबसे उपयुक्त

वास्तु शास्त्र में उत्तर-पश्चिम यानी वायव्य कोण को कूलर रखने के लिए सबसे आदर्श स्थान बताया गया है। इस दिशा का संबंध वायु तत्व से माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि यहां कूलर रखने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बना रहता है और परिवार के लोगों को उन्नति के नए मौके मिलते हैं। इसके साथ ही कूलर की ठंडी हवा का फायदा भी ज्यादा बेहतर ढंग से मिल पाता है।

उत्तर दिशा भी शुभ मानी गई

उत्तर दिशा को धन के स्वामी कुबेर और जल तत्व से जुड़ा हुआ माना जाता है। चूंकि कूलर में पानी का इस्तेमाल होता है, इसलिए इसे उत्तर दिशा में रखना शुभ समझा जाता है। वास्तु मान्यताओं के मुताबिक इससे घर में आर्थिक स्थिरता कायम रहती है और पैसों से जुड़ी दिक्कतों में कमी आ सकती है।

पूर्व दिशा भी अच्छा विकल्प

यदि घर की बनावट के चलते उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा में कूलर रखना मुमकिन न हो, तो पूर्व दिशा को भी बेहतर विकल्प माना जाता है। कहा जाता है कि इस दिशा में कूलर रखने से घर के सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है और सकारात्मक सोच को बल मिलता है।

दक्षिण-पूर्व दिशा से बचें

वास्तु शास्त्र के अनुसार दक्षिण-पूर्व दिशा अग्नि तत्व का क्षेत्र मानी जाती है, इसलिए इस दिशा में कूलर रखना ठीक नहीं समझा जाता। मान्यता है कि अग्नि और जल तत्व के बीच असंतुलन से घर में तनाव, मतभेद और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। यही वजह है कि कूलर को इस दिशा में रखने से परहेज करने की सलाह दी जाती है।

इन बातों का भी रखें ध्यान

वास्तु के मुताबिक खराब या बेकार पड़े कूलर को लंबे समय तक गंदा छोड़ देना शुभ नहीं माना जाता। कूलर का पानी समय-समय पर बदलते रहना चाहिए, क्योंकि रुका हुआ और मैला पानी नकारात्मकता को बढ़ावा देने वाला माना जाता है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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