वैभव सूर्यवंशी की अनोखी प्रतिभा का खुलासा! इंडिया ए दौरे के बीच चाचा ने बताए राज, BCCI का जताया शुक्रिया क्रिकेट एक महीने पहले 23
समस्तीपुर के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने महज 15 साल 15 दिन की उम्र में भारतीय टीम में जगह बनाकर सबको चौंका दिया। उनके चाचा राजीव सूर्यवंशी ने उनकी सफलता के पीछे की मेहनत और लगन के राज साझा किए हैं।

आईपीएल के बाद से 'बेबी बॉस' के नाम से मशहूर वैभव सूर्यवंशी के लिए खुशखबरियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। इंडिया ए टीम में चयन के बाद उन्हें टी-20 टीम के साथ भारतीय टीम में भी जगह मिली है। उन्होंने सिर्फ 15 साल 15 दिन की उम्र में चयनित होकर महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। समस्तीपुर के इस युवा बल्लेबाज ने आईपीएल में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद विश्व क्रिकेट में हलचल मचा दी है। उनकी इस उपलब्धि पर उनके चाचा ने कई बातें साझा की हैं और इस नई खुशी के लिए बीसीसीआई का आभार भी जताया है।

ताजपुर से निकलकर बने चर्चा का केंद्र

समस्तीपुर जिले के ताजपुर से निकलकर क्रिकेट की दुनिया में तेजी से अपनी पहचान बना रहे कम उम्र के खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। हाल ही में टीम इंडिया में उनके चयन की खबर सामने आने के बाद हर किसी के मन में एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर वैभव में ऐसी कौन सी खास बात थी, जिसने उन्हें भारतीय टीम तक पहुंचा दिया।

इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए वैभव के छोटे चाचा राजीव सूर्यवंशी से बातचीत की गई। उन्होंने बताया कि बचपन से ही वैभव बाकी बच्चों से अलग रहे हैं। खेल के प्रति उनका जुनून, घंटों अभ्यास करते रहने की आदत और हर दिन खुद को बेहतर बनाने की जिद ही उन्हें आज इस मुकाम तक लेकर आई है। परिवार को हमेशा से यह भरोसा था कि एक दिन वह जरूर बड़ा नाम कमाएंगे।

चाचा ने जताया भारतीय क्रिकेट बोर्ड का आभार

वैभव के छोटे चाचा राजीव सूर्यवंशी ने कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने जिस भरोसे के साथ उनके भतीजे को टीम में जगह दी है, उसके लिए पूरा परिवार आभारी है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के चयनकर्ताओं ने वैभव के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें सही अवसर दिया।

राजीव बताते हैं कि अगर वैभव ने आईपीएल में दमदार प्रदर्शन नहीं किया होता, तो शायद आज यह दिन देखने को नहीं मिलता। आईपीएल में जिस तरह उन्होंने बड़े-बड़े गेंदबाजों के सामने बेखौफ होकर बल्लेबाजी की, लगातार रन बनाए और अपने खेल से सबको प्रभावित किया, उसी ने चयनकर्ताओं का ध्यान उनकी ओर खींचा। यही वह मंच साबित हुआ, जिसने वैभव को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।

आईपीएल का प्रदर्शन बना टर्निंग प्वाइंट

राजीव सूर्यवंशी ने आगे कहा कि पिछले दो आईपीएल सीजन वैभव के करियर के लिए टर्निंग प्वाइंट साबित हुए। उन्होंने बताया कि आईपीएल में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड और कई बड़े गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी ने यह साबित कर दिया कि वैभव बड़े मंच के खिलाड़ी हैं।

उन्होंने कहा कि राजस्थान रॉयल्स भले ही खिताब नहीं जीत पाई, लेकिन पूरे सीजन में चर्चा सिर्फ वैभव की बल्लेबाजी की रही। यही वजह बनी कि भारतीय टीम प्रबंधन ने उनके खेल को गंभीरता से देखा और उन्हें टीम इंडिया में जगह देने का फैसला किया। आज सिर्फ समस्तीपुर ही नहीं, बल्कि पूरा बिहार इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है।

विवेक शर्मा पाबना के खेल संवाददाता हैं, जो क्रिकेट, फुटबॉल और अन्य खेलों की खबरें कवर करते हैं। मैचों के विश्लेषण, खिलाड़ियों की उपलब्धियों और टूर्नामेंट्स पर उनकी गहरी पकड़ है। वे खेल प्रेमियों के लिए हर बड़ी खबर तेजी और सटीकता के साथ लाते हैं।

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