होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने पर भड़का अमेरिका, ईरान पर बोला बड़ा हमला विश्व एक महीने पहले 57
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के ठिकानों पर हमला कर दिया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि ईरान को अपने फैसलों की भारी कीमत चुकानी होगी।

तनाव की स्थिति और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा की है। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद ही अमेरिका ने ईरान के भीतर कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, होर्मुज के निकट स्थित बंदर अब्बास और सिरिक शहरों में जोरदार धमाकों की सूचना मिली है। अमेरिका का दावा है कि यह सैन्य कार्रवाई ईरान की सेना द्वारा साइप्रस के झंडे वाले एक व्यावसायिक जहाज पर किए गए हमले का सीधा जवाब है। इस घटनाक्रम ने पहले से ही नाजुक दौर से गुजर रहे युद्धविराम समझौते पर नए संकट के बादल खड़े कर दिए हैं।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का आधिकारिक बयान

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक विस्तृत बयान जारी करते हुए कहा कि स्थानीय समयानुसार शाम 7:15 बजे (ET), अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ जवाबी कार्रवाई के तीसरे चरण की शुरुआत की। यह आक्रामक कदम तब उठाया गया जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की सेना ने होर्मुज से गुजर रहे साइप्रस के कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy पर सीधा हमला कर दिया। इस हमले के कारण जहाज के इंजन कक्ष को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे वह अब आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं है। साथ ही, जहाज के चालक दल का एक सदस्य लापता बताया जा रहा है।

अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि व्यावसायिक जहाजों पर बार-बार हो रहे हमलों के चलते ईरान को एक समझौता ज्ञापन का पालन करने का अवसर दिया गया था, जिसे ईरान ने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। अमेरिका का उद्देश्य अब ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को नष्ट करना है, जिनका उपयोग करके वह समुद्री मार्ग से गुजरने वाले नागरिक नाविकों और व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाता है। ये सैन्य हमले कमांडर-इन-चीफ के स्पष्ट निर्देशों के तहत अंजाम दिए जा रहे हैं ताकि ईरान को उसके गलत फैसलों की कीमत समझाई जा सके।

पीट हेगसेथ की कड़ी चेतावनी

इससे पहले ईरान की ओर से यह बयान जारी किया गया था कि होर्मुज जलडमरूमध्य को अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा। ईरान ने यह चेतावनी भी दी कि यदि अमेरिका ने अपने हमले जारी रखे, तो वह क्षेत्र में दुश्मन के और अधिक ठिकानों को निशाना बनाने के लिए तैयार है। हालांकि, इस घोषणा के एक घंटे से भी कम समय के भीतर अमेरिका ने अपने हमले की पुष्टि कर दी। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ईरान ने गलत फैसला लिया है। अब उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी। यह कूटनीतिक गतिरोध के बाद उपजे सैन्य तनाव का चरम है।

ईरान का दृष्टिकोण और कूटनीतिक गतिरोध

वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों ने हाल ही में स्पष्ट किया था कि क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए पिछले महीने हुए समझौते पर तब तक कोई चर्चा नहीं होगी, जब तक कि होर्मुज जलडमरूमध्य को सभी के लिए सुरक्षित नहीं किया जाता। अमेरिका ने ईरान से इस संबंध में एक सार्वजनिक बयान की अपेक्षा की थी। इसके उलट, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अपने बचाव में कहा कि उन्होंने कई जहाजों को चेतावनी दी थी क्योंकि वे मंजूर किए गए रास्तों का उल्लंघन कर रहे थे। ईरान का कहना है कि उन्होंने निर्देशों की अनदेखी करने वाले जहाजों में से एक पर चेतावनी वाली गोलियां भी चलाईं और उसे रोक दिया गया।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

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