दतिया में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर बवाल, समर्थकों का हंगामा और पथराव, पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले मध्य प्रदेश एक महीने पहले 62
मध्य प्रदेश की दतिया सीट पर बीजेपी द्वारा टिकट नहीं दिए जाने से नाराज समर्थकों ने भारी विरोध प्रदर्शन किया, जिसके बाद हाईवे जाम और पुलिस के साथ हिंसक झड़प की स्थिति बन गई।

दतिया में मचा सियासी घमासान

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के दौरान उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब भारतीय जनता पार्टी ने नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस फैसले से नाराज नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों ने सड़कों पर उतरकर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते विरोध का रूप हिंसक हो गया, जिससे पूरे इलाके में कानून-व्यवस्था की समस्या खड़ी हो गई। प्रदर्शनकारियों ने न केवल सड़कों को बाधित किया, बल्कि पुलिस प्रशासन को भी कड़ी चुनौती दी। पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बहाल करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

झांसी दिल्ली हाईवे पर कई घंटे रहा जाम

विरोध कर रहे समर्थकों ने NH 44 झांसी दिल्ली हाईवे को पूरी तरह से जाम कर दिया। बीते कई घंटों से जारी इस चक्का जाम के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब नाराज कार्यकर्ताओं ने स्थानीय बीजेपी कार्यालय पर कब्जा कर लिया और कार्यालय की छत से पुलिसकर्मियों पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पुलिस के लिए स्थिति को संभालना मुश्किल हो रहा था क्योंकि पथराव के कारण जवान सुरक्षा घेरे में थे। यहां तक कि उपद्रवियों ने पुलिस की एक गाड़ी को भी पलटने का दुस्साहस किया।

आत्मदाह की कोशिश से फैली सनसनी

प्रदर्शन के दौरान तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब नरोत्तम मिश्रा के एक समर्थक ने खुद को आग लगाकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। उसके हाथ में पेट्रोल की बोतल थी, जिससे हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे किसी तरह रोका और पेट्रोल की बोतल छीन ली। बाद में अन्य कार्यकर्ताओं और लोगों के समझाने के बाद वह आत्मदाह के विचार से पीछे हटा, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।

जिला प्रशासन और पुलिस का पक्ष

दतिया के जिला मजिस्ट्रेट स्वप्निल वानखेड़े ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि करीब 11.5 से 12 घंटे तक सड़क जाम रही, जिसकी वजह से एम्बुलेंस और बसों समेत सैकड़ों वाहन फंसे रहे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनके पहुंचते ही पुलिस दल पर पत्थर फेंके गए। मजबूरी में आंसू गैस का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस ने कहीं भी लाठीचार्ज या बल प्रयोग नहीं किया है।

वहीं, दतिया के एसपी मयूर खंडेलवाल के अनुसार, दतिया शहर में 3000 से अधिक उपद्रवियों ने माहौल खराब करने का प्रयास किया। कल शाम 6 बजे से ही वे चक्का जाम कर बैठे थे, जिससे करीब 15 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम हो गया। एसपी ने बताया कि सुबह करीब 4 बजे पुलिस पर अचानक पथराव किया गया। इस हमले में 6 से ज्यादा जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जो अस्पताल में भर्ती हैं। खुद एसपी और एडिशनल एसपी को भी चोटें आई हैं। एसपी ने चेतावनी दी कि चक्का जाम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आरोपियों की धरपकड़ जारी है। पूरे जिले में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और ट्रैफिक बहाल करने का कार्य चल रहा है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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