SCO समिट में पाकिस्तान की ओछी हरकत, फोटो से पीएम मोदी को किया क्रॉप, भारत ने दिखाया बड़प्पन विश्व एक महीने पहले 65
किर्गिजस्तान के बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बचकानी हरकत करते हुए आधिकारिक ग्रुप फोटो से पीएम नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति को हटा दिया, जबकि भारत ने पूरी तस्वीर साझा कर अपनी कूटनीतिक परिपक्वता दिखाई।

पाकिस्तान की ओछी और बचकानी करतूत

किर्गिजस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट 2026 के दौरान पाकिस्तान ने एक ऐसी हरकत की है जो अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मानकों पर बेहद शर्मनाक मानी जा रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने समिट की आधिकारिक फैमिली फोटो में फेरबदल करते हुए उसमें से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पूरी तरह से हटा दिया। यह कृत्य न केवल बचकाना है बल्कि यह पाकिस्तान की गहरी इनसिक्योरिटी और कूटनीतिक अपरिपक्वता को भी दुनिया के सामने उजागर करता है।

फोटो एडिटिंग का सहारा लेकर सच्चाई छिपाने की कोशिश

आम तौर पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में सभी राष्ट्राध्यक्षों की एक सामूहिक फोटो ली जाती है जिसे आधिकारिक तौर पर साझा किया जाता है। यह कूटनीतिक शिष्टाचार और शालीनता का हिस्सा होता है। हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के कार्यालय ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से जो तस्वीर पोस्ट की, उसमें उन्होंने फोटोशॉप तकनीक का इस्तेमाल कर पीएम मोदी वाले हिस्से को क्रॉप कर दिया। इस प्रक्रिया में पाकिस्तान ने अपना ही नुकसान कर लिया, क्योंकि फोटो काटते समय उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान को भी फ्रेम से बाहर कर दिया। अपने कथित दोस्त को भी फ्रेम से मिटा देना यह दर्शाता है कि पाकिस्तान की नफरत कितनी अंधी और आधारहीन हो चुकी है।

डिप्लोमैटिक नासमझी और इनसिक्योरिटी का प्रदर्शन

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान की यह हरकत उनकी Foreign Policy Anxiety का स्पष्ट प्रमाण है। किसी अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस तरह की फोटो के साथ छेड़छाड़ करना यह दिखाता है कि पाकिस्तान का नेतृत्व अपने घरेलू राजनीतिक दबाव और भारत-विरोधी एजेंडे के कारण किस हद तक गिर सकता है। सच्चाई को फोटो से क्रॉप कर देने से जमीनी हकीकत नहीं बदलती है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कूटनीति का संचालन परिपक्वता और आपसी सम्मान से होता है, न कि इस तरह की सस्ती फोटो एडिटिंग ट्रिक्स से। यह कदम पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान की छबि को और अधिक नकारात्मक रूप में प्रस्तुत करता है।

भारत का बड़ा दिल और वैश्विक कद

पाकिस्तान की इस ओछी मानसिकता के विपरीत भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक परिपक्व और जिम्मेदार नेता के रूप में अपनी भूमिका निभाई। पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर जो तस्वीर साझा की, उसमें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ सहित सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि पूरी तरह से दिखाई दे रहे हैं। भारत ने किसी भी प्रकार की हेरफेर न करके यह साबित कर दिया है कि उसे अपनी वैश्विक छवि या अपने कद को साबित करने के लिए ऐसी बचकानी हरकतों की आवश्यकता नहीं है।

कूटनीति में नैतिकता का महत्व

भारत की कूटनीति का आधार सदैव गरिमा और नैतिकता रहा है। आर्थिक, रणनीतिक और कूटनीतिक स्तर पर भारत आज जिस ऊंचाई पर है, वहां किसी की फोटो क्रॉप कर देने से भारत का प्रभाव कम नहीं हो जाता। बल्कि, इस घटना ने उल्टा पाकिस्तान की किरकिरी करा दी है। पूरी दुनिया देख रही है कि कैसे एक देश का प्रधानमंत्री अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को निभाने के बजाय फोटो एडिटिंग जैसे छोटे कार्यों में उलझा हुआ है। भारत की यह तटस्थता और परिपक्वता उसे एक वैश्विक महाशक्ति के रूप में और अधिक विश्वसनीय बनाती है। यह घटना स्पष्ट करती है कि पाकिस्तान की इनसिक्योरिटी आज किस स्तर पर है, जहां उसे अपने ही देश के लोगों को दिखाने के लिए सच को दबाना पड़ रहा है। अंततः, सच्चाई किसी एडिटिंग टूल की मोहताज नहीं होती है।

साहिल चौहान पाबना के वर्ल्ड अफेयर्स रिपोर्टर हैं, जो अंतरराष्ट्रीय खबरें और वैश्विक मामले कवर करते हैं। विदेश नीति, कूटनीति और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे जटिल वैश्विक मुद्दों को भारतीय नजरिए से समझाते हैं।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप