उत्तर प्रदेश
3 घंटे पहले
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विचारों
युवाओं के लिए बनेगी एकीकृत नीति
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए एक नई एकीकृत युवा नीति तैयार करने के ठोस निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि युवाओं के विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों की निगरानी, मूल्यांकन और उनमें सुधार के लिए सुझाव देने के उद्देश्य से एक स्वतंत्र राज्य युवा आयोग का गठन किया जाना चाहिए। यह प्रस्तावित आयोग विशेषज्ञों की देखरेख में काम करेगा और समय-समय पर सरकार को नीतिगत सुझाव देगा, ताकि बदलते दौर की जरूरतों के हिसाब से योजनाओं को अधिक प्रभावशाली बनाया जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह नीति युवाओं की बदलती उम्मीदों और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार की जानी चाहिए।
युवाओं से सुझाव लेकर बनेगी नीति
नई युवा नीति का प्रारूप तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदेश के 16 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं की वास्तविक जरूरतों को समझने की सलाह दी है। उन्होंने निर्देश दिया कि नीति निर्माण की प्रक्रिया को केवल सरकारी बैठकों तक सीमित न रखकर इसे व्यापक बनाया जाए। इसमें विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, शोध कार्यों में लगे युवाओं, स्टार्टअप शुरू करने वाले उद्यमियों और अन्य पेशेवर युवाओं की राय ली जाएगी। इस प्रक्रिया को और भी पारदर्शी बनाने के लिए सरकार सार्वजनिक डोमेन के माध्यम से आम युवाओं से भी सुझाव मांगेगी, ताकि यह नीति युवाओं की जमीनी हकीकत और भविष्य की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बन सके।
योजनाओं का लाभ और समग्र समावेश
मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर बल दिया है, ताकि सरकार द्वारा युवाओं के लिए चलाई जा रही प्रत्येक योजना का लाभ सही समय पर और पारदर्शिता के साथ हर पात्र युवा तक पहुंच सके। नई युवा नीति को केवल रोजगार तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसमें शिक्षा, कौशल विकास, उद्यमिता, नवाचार, डिजिटल सशक्तीकरण, स्वास्थ्य सेवाओं, खेलकूद, नेतृत्व क्षमता के विकास और सांस्कृतिक विरासत जैसे महत्वपूर्ण आयामों को भी शामिल किया जाएगा। इससे युवाओं के व्यक्तित्व का संपूर्ण विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।
आधुनिक तकनीकों और कौशल विकास पर जोर
भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक आधारित कौशल प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को एआई (AI), रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा, ड्रोन तकनीक और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाए। प्रदेश के हर जिले में नवाचार और उद्यमिता के अनुकूल माहौल विकसित करने का काम होगा। सरकार युवाओं के लिए एक ऐसा एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म भी तैयार करेगी, जहां करियर मार्गदर्शन, छात्रवृत्ति की जानकारी, रोजगार मिलान और अन्य सेवाएं एक ही जगह पर मिल सकेंगी।
मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग और औद्योगिक विकास
मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लायमेंट जोन की स्थापना के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग योजना को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर चर्चा की गई। इस योजना के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए अब इसे हर विश्वविद्यालय और महाविद्यालय परिसर तक पहुंचाने की योजना है। इसमें आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों के साथ अन्य विशेषज्ञों को भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि निजी कोचिंग संस्थान भी यूपी में निवेश के इच्छुक हैं, जिसका लाभ प्रदेश के छात्रों को मिलना चाहिए।
खेल और शिक्षा के लिए संसाधन
युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने के लिए खेल गतिविधियों को बढ़ाने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्राम पंचायतों में खेल के मैदान, विकास खंडों में मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, जिलों में खेल उत्कृष्टता केंद्र और मंडलों में हाई परफॉर्मेंस सेंटर विकसित किए जाएंगे। विधायक निधि का उपयोग करके इनडोर स्टेडियम बनाने के प्रयास पहले ही सफल रहे हैं। इसके अलावा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए आधुनिक पुस्तकालय और रीडिंग स्पेस बढ़ाए जाएंगे। इससे पहले, सरकार ने डॉ. आंबेडकर मूर्ति विकास योजना के लिए 407 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे, जिसके तहत प्रदेश भर में स्थापित मूर्तियों के चारों ओर बाउंड्री वॉल बनाने और छत्र लगवाने का काम किया जा रहा है।
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