यूपी में 10 जून का मौसम: कहीं चिलचिलाती लू तो कहीं प्री-मानसून बारिश के आसार उत्तर प्रदेश 11 घंटे पहले 3
बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तापमान 42 से 45 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि पूर्वी यूपी के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और आंधी से थोड़ी राहत के आसार हैं।

उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। बीते कई दिनों से बारिश न होने के कारण राज्य में हीटवेव का प्रकोप जारी है। हालांकि आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन फिलहाल पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तापमान 42 से 45 डिग्री तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे में बुधवार यानी 10 जून को प्रदेश का मौसम कैसा रहेगा, यह पहले से जान लेना जरूरी है ताकि घर से निकलने पर किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

तेज गर्मी के बीच मानसून का इंतजार

प्रचंड गर्मी से जूझ रहे प्रदेशवासियों को अब मानसून का बेसब्री से इंतजार है। बीच-बीच में होने वाली बारिश से कुछ राहत जरूर मिलती है, मगर दो से तीन दिन बाद ही लू के थपेड़े दोबारा जीना दूभर कर देते हैं। सुबह करीब आठ बजे सूरज ज्यों ही थोड़ा चढ़ता है, गर्मी अपना असर दिखाने लगती है। शाम सात बजे धूप ढलने के बाद भी गर्म हवाओं का दौर थमता नहीं और देर रात तक उमस बनी रहती है। कई जगहों पर तापमान इतना अधिक हो चुका है कि पंखे तो दूर, कूलर भी बेअसर साबित हो रहे हैं।

कई जिलों में 45 डिग्री तक पहुंच सकता है पारा

बुधवार 10 जून के मौसम की बात करें तो पश्चिमी यूपी में तापमान 42 से 45 डिग्री तक जा सकता है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी उमस और गर्मी लोगों की मुश्किलें बढ़ाएगी। राजधानी लखनऊ का तापमान 42 डिग्री तक रह सकता है, जबकि नोएडा में पारा 44 डिग्री तक पहुंचने की आशंका है। आगरा में भी अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक बने रहने का अनुमान है। राहत की बात यह है कि कुछ इलाकों में प्री-मानसूनी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना भी बनी हुई है। माना जा रहा है कि दूसरे सप्ताह में मौसम काफी हद तक बदल सकता है।

कुछ जिलों में हल्की बारिश और तेज हवाओं के आसार

पूर्वी यूपी के गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बलिया और वाराणसी मंडल के कुछ हिस्सों में शाम के समय तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा, हालांकि कहीं-कहीं 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चल सकती हैं। तराई क्षेत्र में पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच में भी छिटपुट बारिश हो सकती है। हालांकि यह बारिश इतनी नहीं होगी कि लोग राहत की सांस ले सकें। हल्की फुहारों से कुछ देर के लिए तो राहत महसूस होगी, मगर इसके बाद हालात फिर वैसे ही हो जाएंगे। आशंका यह भी जताई जा रही है कि बारिश के बाद उमस और बढ़ सकती है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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