ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा, गड्ढे में डूबने से मासूम बच्चे की गई जान; ठेकेदार गिरफ्तार उत्तर प्रदेश एक दिन पहले 14
ग्रेटर नोएडा की कलाधाम सोसायटी के पास खुले गड्ढे में गिरने से छह साल के बच्चे की मौत हो गई। इस लापरवाही के मामले में प्राधिकरण ने तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है और ठेकेदार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

ग्रेटर नोएडा में मासूम की मौत से मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 25 जुलाई की शाम एक दुखद वाकया सामने आया, जहां एक 6 साल के मासूम बच्चे की जान 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरने से चली गई। मृतक की पहचान अव्यान के रूप में हुई है, जो केंद्रीय विद्यालय के उप प्रधानाचार्य सीवान यादव का बेटा था। शनिवार को अव्यान अन्य बच्चों के साथ कलाधाम सोसायटी के नजदीक खेल रहा था, तभी वह बारिश के पानी से भरे उस जानलेवा गड्ढे की चपेट में आ गया। जब तक मौके पर मौजूद लोग उसे बाहर निकालने में सफल हुए, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। यह गड्ढा स्थानीय प्राधिकरण द्वारा बोरिंग कार्य के लिए खोदा गया था, जो बेपरवाही के चलते खुला छोड़ दिया गया और बारिश की वजह से पूरी तरह पानी से लबालब भर गया था।

मामले में सख्त कार्रवाई और FIR

इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही एसडीएम आशुतोष मौके पर पहुंचे और मामले की गहन जांच शुरू की। सोशल मीडिया के जरिए घटना की सूचना फैलने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी रोष देखने को मिला। लोग प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं और खुले गड्ढों की बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग कर रहे हैं। प्राधिकरण ने नॉलेज पार्क थाने में 3 लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है। इनमें ठेकेदार मनोज जैन के साथ-साथ एक जूनियर सुपरवाइजर और तकनीकी सुपरवाइजर आकाश शामिल हैं। प्रशासन ने ठेकेदार मनोज जैन को गिरफ्तार कर लिया है और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। साथ ही, दोनों विभागीय कर्मचारियों के विरुद्ध भी प्रशासनिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

कैसे हुआ हादसा और लापरवाही की परतें

प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि यह बोरवेल उनकी अनुमति या जानकारी के बिना ही स्थानांतरित किया गया था, जो सीधे तौर पर ठेकेदार की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। सोसायटी में रहने वाले प्रांजल ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि शाम करीब 6:30 बजे उन्हें अन्य बच्चों से अव्यान के डूबने की सूचना मिली थी। आनन-फानन में स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे और तीन लोग गड्ढे में उतरकर बच्चे को बाहर खींच लाए। हालांकि, उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकीय जांच में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय निवासियों का स्पष्ट मानना है कि यदि प्राधिकरण और ठेकेदार ने सुरक्षा मानकों का पालन किया होता और गड्ढे को सुरक्षित तरीके से घेरा होता, तो आज यह मासूम हमारे बीच होता।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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