भारत
55 मिनट पहले
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केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे कथित AI डीपफेक वीडियो और भ्रामक संदेशों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक मानहानि याचिका दायर की है। यह पूरा मामला केंद्र सरकार की E20 एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति से जुड़ा हुआ है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बनाया प्रतिवादी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय मंत्री की इस याचिका को स्वीकार कर लिया है और इस पर अंतरिम राहत देने की मांग पर सुनवाई के लिए इसे सूचीबद्ध भी कर दिया है। इस याचिका में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा (जिसमें फेसबुक और इंस्टाग्राम शामिल हैं) और एक्स जैसी दिग्गज टेक कंपनियों सहित कई अन्य पक्षों को प्रतिवादी बनाया गया है।
परिवार को आर्थिक लाभ मिलने के आरोपों को बताया बेबुनियाद
याचिका में इस बात का उल्लेख किया गया है कि सोशल मीडिया पर कुछ तत्वों द्वारा यह झूठा प्रचार किया जा रहा है कि इस सरकारी नीति से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उनके परिवार को व्यक्तिगत रूप से भारी वित्तीय फायदा पहुंचा है। गडकरी ने कोर्ट के सामने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें पूरी तरह निराधार और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम पूरी तरह से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है, जबकि उनका अपना विभाग सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय है, जिसका इस नीति के व्यावसायिक या वित्तीय क्रियान्वयन से सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने अदालत से अपील की है कि इन फर्जी डीपफेक वीडियो और भ्रामक पोस्टों को तुरंत हटाया जाए, इनके आगे प्रसार पर पूरी तरह रोक लगाई जाए और इस साजिश के पीछे जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
इंडिया टीवी को दिए साक्षात्कार में किया था बड़ा खुलासा
गौरतलब है कि हाल ही में इंडिया टीवी के साथ बातचीत के दौरान नितिन गडकरी ने इस E20 नीति और इस पर हो रहे विवादों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि उनके पास अब तक ऐसी कोई भी शिकायत या रिपोर्ट नहीं आई है जिससे यह साबित हो सके कि E20 ईंधन के इस्तेमाल से वाहनों के इंजन खराब हो रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया था कि इस तरह का नकारात्मक एजेंडा और दुष्प्रचार आखिर कौन लोग कर रहे हैं, हालांकि वे इस विवाद की गहराई में नहीं जाना चाहते।
किसानों और चीनी मिलों की बदली किस्मत
गडकरी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और पर्यावरण की रक्षा करना बेहद जरूरी है, और इसके लिए एथेनॉल को भविष्य के ईंधन के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए समझाया:
- जब देश में मक्के से एथेनॉल बनाने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो मक्के की मांग बढ़ी और बाजार में इसकी कीमतें भी ऊपर गईं, जिससे सीधे तौर पर किसानों को फायदा हुआ।
- एथेनॉल के उत्पादन से देश की चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और गन्ना किसानों की किस्मत बदल गई है।
उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या हमारे देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर होने का अधिकार नहीं है? इससे पहले भी E20 पेट्रोल पर उठ रहे सवालों के बीच उन्होंने खुली चुनौती देते हुए कहा था कि कोई भी ऐसी एक गाड़ी लाकर दिखाए जिसे इस ईंधन के इस्तेमाल से नुकसान पहुंचा हो।
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