मध्य प्रदेश
10 घंटे पहले
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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर कथित रूप से दिए गए एक बयान पर सियासी पारा चढ़ गया है। अब यह विवाद अदालत की दहलीज तक जा पहुंचा है। इंदौर स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए बिरलाग्राम पुलिस को जांच करने के निर्देश दिए हैं।
कोर्ट पहुंचा मामला
उज्जैन क्षेत्र में राहुल गांधी के एक कथित बयान को लेकर मामला अदालत तक पहुंच गया है। आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के लिए कथित रूप से आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इसी आधार पर भाजपा नेताओं ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
इंदौर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए नागदा के बिरलाग्राम थाना प्रभारी से विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है। राहुल गांधी के कथित बयान को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने बिरलाग्राम पुलिस को जांच के निर्देश दिए।
भाजपा नेताओं का आरोप
भाजपा नेता सुबोध स्वामी और सुनील साहनी की ओर से अदालत में आवेदन प्रस्तुत किया गया है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
चार बिंदुओं पर मांगी गई रिपोर्ट
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी ने पुलिस से चार अहम बिंदुओं पर रिपोर्ट देने को कहा है। अदालत यह जानना चाहती है कि शिकायत वास्तव में थाने में दी गई थी या नहीं, और यदि दी गई थी तो उस पर क्या कार्रवाई की गई।
इसके साथ ही अदालत ने यह भी पूछा है कि यदि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उसके पीछे क्या कारण रहे, तथा शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल के बाद तथ्यात्मक रिपोर्ट क्या सामने आती है।
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