मध्य प्रदेश
एक घंटा पहले
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ब्रह्म मुहूर्त में महाकाल का भव्य अभिषेक
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज यानी 09 अगस्त 2026, दिन रविवार को ब्रह्म मुहूर्त में भस्म आरती का आयोजन किया गया। मंदिर के पट खुलते ही पुजारियों ने गर्भगृह में विराजित समस्त देवी-देवताओं की प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन किया। इसके पश्चात भगवान श्री महाकाल का जलाभिषेक किया गया। इस पावन अवसर पर दूध, दही, देसी घी, शक्कर और फलों के रस से तैयार किए गए पंचामृत का प्रयोग करते हुए बाबा का अभिषेक और पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। पुजारियों ने प्रथम घंटाल बजाकर ‘हरि ओम’ का जल अर्पित करते हुए आरती की शुरुआत की।
बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार
इस विशेष दिन पर भगवान श्री महाकालेश्वर का मनमोहक श्रृंगार किया गया। बाबा को रजत ॐ बिल्वपत्र, मुकुट और रुद्राक्ष की माला अर्पित की गई। मस्तक पर चंदन से त्रिपुंड और त्रिशूल के साथ डमरू, शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल और सुगंधित ताजे पुष्पों की माला से बाबा का स्वरूप बेहद आकर्षक लग रहा था। मंदिर के पुजारियों ने माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय की विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद बाबा को सूखी मेवा, मिष्ठान और विभिन्न प्रकार के फलों का भोग लगाया गया। कर्पूर आरती के संपन्न होने के पश्चात ‘उज्जैन के राजा’ को नैवेद्य अर्पित किया गया, जिसके बाद पवित्र भस्म से आरती की प्रक्रिया पूर्ण हुई।
श्रद्धालुओं में अपार उत्साह और भक्ति
ऐसी मान्यता है कि भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल निराकार से साकार रूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। भस्म आरती के समय मंदिर का पूरा परिसर ‘जय महाकाल’ के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। सावन मास के चलते इन दिनों मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और हर कोई बाबा के दर्शन का लाभ लेना चाहता है। आज की आरती के दौरान दीयों की रोशनी और घंटियों की मधुर ध्वनि ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। मंदिर में आए शिवभक्तों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि भस्म आरती के दर्शन मात्र से मन को अद्भुत शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। अनेक भक्तों ने इसे अपने जीवन का सबसे पवित्र अनुभव बताया।
सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था
मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था के लिए खास इंतजाम किए थे ताकि बड़ी संख्या में पहुंच रहे भक्त बिना किसी परेशानी के बाबा के दर्शन कर सकें। महाकालेश्वर मंदिर में आज की भस्म आरती ने एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। श्रद्धालु बाबा के दिव्य दर्शन कर अपने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए नजर आए। मंदिर परिसर की भव्यता और अनुशासन ने आज आए सभी भक्तों पर अपनी छाप छोड़ी। सावन के इस पावन महीने में महाकाल के दर्शन के लिए उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखाई दिया।
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