पीलीभीत में मानवता शर्मसार: दामाद ने 65 वर्षीय सास की हत्या कर भूसे में जलाया शव, राख से मिलीं हड्डियां उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 4
पीलीभीत जिले में एक दामाद पर अपनी सास की हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है, जहां शव को भूसे में जलाकर ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। पुलिस ने मौके से राख और हड्डियां बरामद की हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।

पीलीभीत में दिल दहलाने वाली घटना

पीलीभीत जिले के अमरिया थाना क्षेत्र से रिश्तों को कलंकित करने वाली एक वीभत्स घटना प्रकाश में आई है। जिठनियां गांव में एक व्यक्ति ने अपनी ही 65 वर्षीय सास की निर्मम हत्या कर दी और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को भूसे के बोरे में भरकर आग के हवाले कर दिया। इस मामले के सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर आरोपी दामाद के विरुद्ध हत्या और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साक्ष्य के रूप में घटनास्थल से प्राप्त अस्थि अवशेषों का डीएनए परीक्षण करवाया जा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

परिवार का ब्योरा और पृष्ठभूमि

पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, जिठनियां निवासी सुरेश ने अमरिया थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में उसने बताया कि उसकी मां मोहन देई के पति नत्थू लाल का देहांत करीब 6 साल पहले ही हो चुका था। मोहन देई के तीन बेटे थे, जिनमें से सबसे छोटे बेटे की लगभग डेढ़ साल पहले पानी में डूब जाने के कारण मौत हो गई थी। परिवार की स्थिति यह है कि सुरेश अलग रहता है, जबकि उसका भाई माखन लाल अपनी मां मोहन देई के साथ ही रहता था। माखन लाल अक्सर मजदूरी के काम से अपने जीजा महेंद्र के घर, जो अमरिया थाना क्षेत्र के हरहरपुर धुरा में स्थित है, आया-जाया करता था।

राख से बरामद हुए अहम सबूत

शिकायतकर्ता ने बताया कि 31 जुलाई को गांव के ही नन्ने लाल के भूसे के बोरे में अचानक आग लग गई थी। इस घटना के संबंध में नन्ने लाल ने 1 अगस्त को महेंद्र के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने महेंद्र की तलाश में कई जगहों पर छापेमारी की, लेकिन वह मौके से फरार मिला। इसी दौरान जब माखन लाल घर वापस लौटा तो उसे अपनी मां कहीं नहीं मिली। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन कहीं कोई सुराग न मिलने पर उनका शक गहरा गया। जब उन्होंने जले हुए भूसे के ढेर की जांच की, तो उन्हें राख के बीच हड्डियां और महिला के हाथ के तीन कंगन बरामद हुए।

दामाद पर हत्या का आरोप

परिजन अब इन कंगनों के आधार पर यह दावा कर रहे हैं कि यह मोहन देई की ही हत्या है। बड़े बेटे सुरेश का सीधा आरोप है कि उनके जीजा महेंद्र ने ही मोहन देई की हत्या की है और शव को भूसे में जलाकर साक्ष्य मिटाने की कोशिश की है। पुलिस ने तहरीर मिलते ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस की जांच और डीएनए रिपोर्ट का इंतजार

सीओ सदर नताशा गोयल ने मीडिया को जानकारी दी कि घटनास्थल से मिले अस्थि अवशेषों को सुरक्षित कर डीएनए परीक्षण के लिए लैब भेजा गया है। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट आने के बाद ही यह सुनिश्चित हो पाएगा कि बरामद अवशेष किसके हैं और मृत्यु का सही कारण क्या रहा। पुलिस इस मामले के हर एक पहलू की गहराई से जांच कर रही है ताकि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जा सके।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

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