बिना नाम लिए जीतू पटवारी पर सीएम मोहन यादव का तंज, बता डाला 'नौसिखिया' मध्य प्रदेश एक महीने पहले 49
उज्जैन के एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नाम लिए बिना प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर हमला बोला और कांग्रेस पर नेतृत्व 'नौसिखियों' के हाथ में सौंपने का आरोप लगाया।

मध्य प्रदेश की सियासत एक बार फिर तब गरमा गई जब मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के हालिया बयानों ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की नीतियों और नेतृत्व को कठघरे में खड़ा करते हुए दावा किया कि प्रदेश की जनता भाजपा सरकार के विकास कार्यों पर भरोसा कर रही है, जबकि कांग्रेस सिर्फ आरोप लगाने तक सीमित रह गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पार्टी की कमान 'नौसिखियों' के हाथ में दे दी है, जो गाड़ी को आगे ले जाने के बजाय पीछे की ओर धकेल रहे हैं।

इशारों-इशारों में पटवारी पर निशाना

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव और जीतू पटवारी के बीच पहले हुई जुबानी जंग पहले ही सबका ध्यान खींच चुकी है, जिसमें 'टपोरी लाल', 'ढपोरशंख' और 'अभिनंदन लाल' जैसे शब्द जमकर उछले थे। अब प्रदेश के मुख्यमंत्री ने एक बार फिर इशारों-इशारों में पटवारी पर वार किया, लेकिन इस दौरान उन्होंने उनका नाम नहीं लिया। देश भर में कांग्रेस के घटते जनाधार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी अपने ही कर्मों की सजा भुगत रही है।

उज्जैन के मंच से तीखा हमला

उज्जैन में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि बेईमान कांग्रेस यह दावा करती है कि वह बहनों तक पैसा पहुंचाती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेसियों को शर्म से डूब मरना चाहिए, क्योंकि उनका चरित्र ऐसा है कि वे माता-बहनों की इज्जत नहीं करते। उनके अनुसार कांग्रेस इसी वजह से अपने कर्मों की सजा भुगत रही है और देश भर में धीरे-धीरे सिमटती जा रही है।

वह पप्पू और उसको चलाने वाले चप्पू सब एक लाइन में हैं। जिस दौर में यशस्वी प्रधानमंत्री का विजय रथ आगे बढ़ रहा है, ऐसे में उन्होंने नौसिखियों के हाथ में अपनी पार्टी की कमान सौंप दी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अब अगर वे पार्टी की गाड़ी को आगे बढ़ाने के बजाय पीछे ठोक रहे हैं, तो इसमें हम क्या कर सकते हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि उन्हें जैसे चलाना है, चलाएं, हमारी कोई लड़ाई नहीं है।

पटवारी के बयान से हुई थी शुरुआत

इस तकरार की शुरुआत इससे पहले सतना में हुई थी, जहां कांग्रेस के एक कार्यक्रम में जीतू पटवारी ने मौजूद लोगों से पूछा था कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री को कौन-कौन जानता है। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए उन्हें 'मोहन लाल अभिनंदन यादव' कहा था। पटवारी के इस बयान पर मुख्यमंत्री ने करारा पलटवार किया था।

शुजालपुर में दिया था जवाब

बाद में शुजालपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने 'अभिनंदन लाल' वाले तंज का जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि वे तो अभिनंदन लाल हैं, लेकिन सामने वाले 'टपोरी लाल' हैं, और इतिहास में कांग्रेस का ऐसा अध्यक्ष कभी नहीं देखा। मुख्यमंत्री ने जीतू पटवारी को 'दो कौड़ी का प्रदेश अध्यक्ष' तक कह डाला था। उन्होंने यह भी कहा था कि जो खुद अपनी सीट हार गया, वह इंदौर में लोकसभा का उम्मीदवार तक खड़ा नहीं कर पाया।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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