उज्जैन में थप्पड़कांड के बाद एक्शन: होटल पीताम्बरा रेसिडेंसी पर चला निगम का डंडा, मचे हंगामे के बीच सील हुई इमारत मध्य प्रदेश एक घंटा पहले 2
उज्जैन के जयसिंहपुरा में एक फायर अधिकारी से मारपीट के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए होटल पीताम्बरा रेसिडेंसी को सील कर दिया है। इस कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए मोर्चा संभालना पड़ा।

कार्रवाई की पृष्ठभूमि

मध्य प्रदेश के उज्जैन में फायर अधिकारी के साथ हुई मारपीट और थप्पड़कांड की घटना के अगले ही दिन प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया। महाकाल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जयसिंहपुरा स्थित होटल पीताम्बरा रेसिडेंसी पर गुरुवार को नगर निगम की टीम पहुंची। इस दौरान प्रशासन के साथ भारी पुलिस बल और बुलडोजर भी मौजूद था, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। नगर निगम का दावा है कि यह कार्रवाई होटल के अवैध निर्माण को लेकर की गई है।

घटनास्थल पर हाईवोल्टेज ड्रामा

जब नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची, तो वहां स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। होटल संचालक के परिवार से जुड़ी महिलाओं ने नगर निगम की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया। करीब डेढ़ घंटे तक घटनास्थल पर हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा। महिलाओं का आरोप है कि नगर निगम बदले की भावना से काम कर रहा है। परिवार ने साफ शब्दों में कहा कि फायर अधिकारी के साथ जो विवाद हुआ, वह अचानक उपजे आवेश का नतीजा था। परिवार के सदस्यों का दावा है कि विवाद की शुरुआत में अधिकारी ने स्वयं उनके साथ अभद्र व्यवहार किया था, जिसके बाद उनके बेटे विकास अरोनया ने आपा खो दिया और मारपीट की घटना हुई।

आदिवासी परिवार का आरोप

होटल संचालक के परिवार का कहना है कि वे आदिवासी समाज से आते हैं और उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। परिवार ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना सोचे समझे उनके रहने वाले मकान को भी सील कर दिया, जबकि घर के अंदर छोटे-छोटे बच्चे मौजूद थे। इस हंगामे के दौरान जब महिलाएं अपनी बात पर अड़ी रहीं और हटने को तैयार नहीं हुईं, तो पुलिस को बीच-बचाव करना पड़ा। बाद में पुलिस ने महिलाओं को मौके से हटाकर थाने भेज दिया, ताकि नगर निगम की टीम अपना काम पूरा कर सके।

पुलिस और निगम का पक्ष

महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल ने जानकारी दी कि फायर सेफ्टी निरीक्षण के दौरान हुई मारपीट के मामले में मुख्य आरोपी विकास अरोनया को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उसे पुलिस हिरासत से न्यायालय में पेश किया जा चुका है और मामले की गहन जांच चल रही है। वहीं, नगर निगम के अधीक्षण यंत्री प्रमोद मालवीय ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है। उनके अनुसार, होटल के अवैध निर्माण के संबंध में पहले ही कई नोटिस जारी किए जा चुके थे। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि भवन का निर्माण निर्धारित बिल्डिंग लाइन के उल्लंघन में किया गया है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल नगर निगम ने होटल पीताम्बरा रेसिडेंसी को पूरी तरह सील कर दिया है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि अभी इसे सील किया गया है, लेकिन जांच प्रक्रिया के बाद इस पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इसमें भविष्य में भवन के अवैध हिस्सों को तोड़ने या ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया भी शामिल हो सकती है। एक तरफ जहां पुलिस मारपीट के मामले की कानूनी जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ नगर निगम ने अवैध निर्माण को लेकर सख्त रवैया अपनाते हुए यह संदेश दिया है कि सरकारी अधिकारियों के साथ दुर्व्यवहार और नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है और पुलिस बल तैनात है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोका जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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