महाराष्ट्र
2 महीने पहले
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चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर महाराष्ट्र में सियासी जंग तेज
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में गरमागरमी बेहद बढ़ गई है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और राज्यव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। मुंबई के दादर इलाके में स्थित प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ करने के साथ ही उन्होंने इस आंदोलन का श्रीगणेश किया। इस बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उद्धव ठाकरे के इस कदम पर करारा तंज कसा है। देवेंद्र फडणवीस ने नसीहत देते हुए कहा है कि अगर उद्धव ठाकरे सचमुच भगवान राम के दिखाए मार्ग पर चलेंगे और रोजाना नियम से रामरक्षा का पाठ करेंगे, तो निश्चित तौर पर उनका कल्याण होगा।
चंद्रपुर के पैतृक गांव में फडणवीस ने साधा निशाना
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस रविवार को चंद्रपुर जिले में स्थित अपने पैतृक गांव मूल पहुंचे थे, जहां वे एक पारिवारिक कार्यक्रम में हिस्सा लेने आए थे। इस कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) द्वारा राम मंदिर दान चोरी मामले में शुरू किए गए 'राम रक्षा' आंदोलन पर खुलकर अपनी बात रखी। उद्धव ठाकरे की इस नई रणनीति से जुड़े एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि उन्हें इस बात की बेहद खुशी है कि आखिरकार उद्धव ठाकरे को प्रभु श्री राम की याद आ ही गई।
'राम का मार्ग छोड़ने से हुई पार्टी की अधोगति'
उद्धव ठाकरे पर हमला जारी रखते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि पूर्व में उद्धव ठाकरे ने राम का मार्ग पूरी तरह से छोड़ दिया था और इसी वजह से उनकी राजनीतिक पार्टी की यह दुर्दशा और अधोगति हुई है। उन्होंने आगे कहा कि यदि उद्धव अब भी सुधरकर प्रभु राम के रास्ते पर चलते हैं, तो इससे उनका भला ही होगा। मुख्यमंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे केवल यही उम्मीद करते हैं कि उद्धव ठाकरे रामरक्षा का यह पाठ सिर्फ आज के दिन ही न करें, बल्कि इसे अपनी रोज की दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और प्रतिदिन रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
उद्धव ठाकरे ने हनुमान चालीसा पाठ से शुरू किया आंदोलन
दूसरी तरफ, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के विरोध में अपने 'राम रक्षा' आंदोलन की जोरदार शुरुआत की है। इस आंदोलन के पहले दिन उन्होंने मध्य मुंबई के दादर में स्थित हनुमान मंदिर में जाकर हनुमान स्तोत्र और हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ किया। इस धार्मिक आयोजन के बाद मंदिर के बाहर ही उन्होंने एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार पर तीखे बाण चलाए और इस पूरे मामले की बिना किसी पक्षपात के निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।
'हिंदुत्व का चोला पहनकर लूट करने वालों को बख्शेंगे नहीं'
इस आंदोलन के दौरान भगवा रंग के कुर्ते में नजर आए उद्धव ठाकरे ने बेहद आक्रामक अंदाज में कहा कि जो लोग हिंदुत्व का गलत इस्तेमाल करके और उसका मुखौटा पहनकर मंदिरों को लूटने का काम करते हैं, देश के हिंदू उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे और न ही उन्हें बख्शेंगे। उन्होंने राम जन्मभूमि आंदोलन के पुराने नारे 'अयोध्या तो सिर्फ झांकी है, काशी-मथुरा अभी बाकी है' का संदर्भ देते हुए गहरी चिंता व्यक्त की। उद्धव ने कहा कि वे इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि भविष्य में काशी और मथुरा में क्या होने वाला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम निडर, सीधे-साधे और अपने देश से बेहद प्यार करने वाले हिंदू जरूर हैं, लेकिन हम मूर्ख बिल्कुल नहीं हैं।
बालासाहेब ने हिंदुओं को जगाया, आज उन्हें सम्मोहित किया जा रहा है
अपने पिता और शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे को याद करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि बालासाहेब ने देश के हिंदुओं को जगाने का काम किया था, लेकिन आज की सरकारें और ताकतें उन्हीं हिंदुओं को सम्मोहित करने की कोशिश कर रही हैं। राम मंदिर में चढ़ावे की इस कथित चोरी का पूरा मामला पहली बार 7 जून को प्रकाश में आया था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे मामले की तहकीकात के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। इस SIT की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर ही बीते 25 जून को एक FIR दर्ज की गई थी। पुलिस अब तक इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए राम मंदिर के चढ़ावे की सुरक्षा और उसकी गिनती के काम में तैनात कुल 8 लोगों को सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
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