महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर-2 की सुगबुगाहट: उद्धव ठाकरे के 16 विधायकों के संपर्क में होने का शिंदे गुट का दावा महाराष्ट्र 2 महीने पहले 77
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। शिंदे गुट ने दावा किया है कि शिवसेना यूबीटी के करीब 16 विधायक उनके संपर्क में हैं, जबकि उद्धव गुट ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है।

राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा

महाराष्ट्र के सियासी मंच पर एक बार फिर ऑपरेशन टाइगर की गूंज सुनाई दे रही है। शिवसेना के शिंदे गुट की ओर से किए जा रहे दावों ने राज्य की राजनीति का पारा चढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, उद्धव ठाकरे के गुट के कई विधायक मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ संवाद बनाए हुए हैं। हालांकि उद्धव गुट की तरफ से इन खबरों को बेबुनियाद बताया जा रहा है, लेकिन सूत्रों के जरिए मिली जानकारी ने अटकलों को हवा दे दी है कि हाल ही में ठाकरे गुट के कुछ विधायकों की गोपनीय मुलाकात एकनाथ शिंदे से हुई थी। अभी तक इस मुलाकात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन चर्चाओं का बाजार गर्म है।

विधायकों की टूट और महाविकास आघाड़ी की बैठक

सूत्रों की मानें तो उद्धव ठाकरे की शिवसेना यानी शिवसेना (यूबीटी) के करीब 3 से 4 विधायकों ने हाल ही में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की थी। दावा किया जा रहा है कि उद्धव गुट के लगभग 12 से 14 विधायक इस पूरे घटनाक्रम में शामिल हैं और एक बड़ा खेमा सत्ता पक्ष के साथ जाने का मन बना चुका है। इस बीच, दो दिन पहले महाविकास आघाड़ी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। हैरान करने वाली बात यह रही कि इस गठबंधन के कुल 60 विधायकों में से महज 37 विधायक ही बैठक में पहुंच सके। इस अनुपस्थिति को लेकर बाद में सफाई दी गई कि विधायक अपने निजी कार्यों या पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्त थे, जिसके चलते वे शामिल नहीं हो सके।

शिंदे गुट की रणनीति और दावे

ऑपरेशन टाइगर की चर्चा के बीच शिंदे खेमा काफी सक्रिय नजर आ रहा है। उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसदों के पाला बदलने के बाद अब विधायकों के टूटने की संभावनाओं पर जोर दिया जा रहा है। शिंदे गुट का स्पष्ट कहना है कि उद्धव गुट के 20 में से 14 से 16 विधायक सीधे तौर पर उनके संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके वरिष्ठ नेताओं का रुख यह है कि वे किसी भी विधायक को अपनी तरफ आने के लिए मजबूर नहीं कर रहे हैं, बल्कि ये विधायक स्वयं उनके साथ जुड़ने की इच्छा जता रहे हैं।

संजय राउत का पलटवार

इन तमाम दावों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए संजय राउत ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उद्धव ठाकरे के सभी विधायक एकजुट हैं और वे लगातार उनके संपर्क में बने हुए हैं। जो विधायक बैठक में मौजूद नहीं थे, वे केवल निजी वजहों से नहीं आ सके थे। संजय राउत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि शिंदे गुट भविष्य में यह भी दावा कर सकता है कि वे देवेंद्र फडणवीस और अमित शाह को भी अपने साथ जोड़ लेंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ऑपरेशन टाइगर का सबसे बड़ा संकट देवेंद्र फडणवीस के सामने है और उन्हें अपनी स्थिति को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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