मेवाड़ की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं उदयपुर की खुशी, 23 की उम्र में वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर राजस्थान एक घंटा पहले 3
उदयपुर की 23 वर्षीय खुशी गंभीर भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर बनकर मेवाड़ की पहली महिला फाइटर पायलट बन गई हैं। पहले ही प्रयास में AFCAT और SSB पास कर हैदराबाद में कठोर प्रशिक्षण पूरा करने वाली खुशी अब क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा बन गई हैं।

झीलों की नगरी उदयपुर की बेटी खुशी ने भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर का पद हासिल कर पूरे देश में मेवाड़ का नाम ऊंचा किया है। अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के बल पर उन्होंने यह कामयाबी पाते हुए मेवाड़ की पहली महिला फाइटर पायलट बनने का गौरव अर्जित किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में उत्साह और गर्व की लहर है।

शहर के सेक्टर-14 की रहने वाली खुशी ने वायुसेना का कठिन प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद फ्लाइंग ऑफिसर के तौर पर नियुक्ति पाई है। महज 23 साल की उम्र में यह मुकाम छूकर उन्होंने क्षेत्र की बेटियों के सामने एक नई मिसाल रखी है। परिवार, रिश्तेदारों और शहरवासियों ने उनकी इस सफलता पर हर्ष जताते हुए शुभकामनाएं दी हैं।

पारिवारिक पृष्ठभूमि और प्रोत्साहन

खुशी के पिता सुरेंद्र पाल गंभीर होटल व्यवसाय से जुड़े हैं, वहीं उनकी माता नीलू गंभीर गृहिणी हैं। परिवार ने शुरुआत से ही खुशी को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रेरित किया। इसी सहयोग का नतीजा है कि आज उन्होंने देश की प्रतिष्ठित सैन्य सेवाओं में अपनी जगह बना ली है।

शिक्षा और एनसीसी में सक्रियता

खुशी ने अपनी स्कूली पढ़ाई तीतरड़ी स्थित सेंट मैरिज स्कूल से 12वीं तक पूरी की। इसके बाद उन्होंने बीएन विश्वविद्यालय, उदयपुर से बीसीए की शिक्षा ग्रहण की और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की गतिविधियों में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और 6 राज एनसीसी से ‘सी’ प्रमाणपत्र प्राप्त किया।

पहले ही प्रयास में पार की चयन प्रक्रिया

वायुसेना में चयन के लिए खुशी ने एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) दिया और पहले ही प्रयास में परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी काबिलियत साबित कर दी। इसके बाद देहरादून में आयोजित सर्विस सिलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) के इंटरव्यू में भी उन्हें सफलता मिली। चयन के बाद हैदराबाद में कठोर और चुनौतीपूर्ण पायलट प्रशिक्षण पूरा कर उन्होंने फ्लाइंग ऑफिसर बनने का अपना सपना पूरा किया।

खुशी की उपलब्धियों की फेहरिस्त यहीं नहीं रुकती। उनका चयन गणतंत्र दिवस परेड के लिए भी हो चुका है, जो किसी भी युवा के लिए बेहद गर्व का विषय माना जाता है।

बड़ी बहन को भी देती हैं श्रेय

खुशी अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता के साथ-साथ अपनी बड़ी बहन मुस्कान को भी देती हैं, जिन्होंने हर कदम पर उनका मार्गदर्शन किया और हौसला बढ़ाया। मेवाड़ की पहली महिला फाइटर पायलट बनकर खुशी ने यह दिखा दिया है कि दृढ़ संकल्प और परिश्रम से कोई भी लक्ष्य पाया जा सकता है। उनकी यह कामयाबी क्षेत्र की हजारों बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें हकीकत में बदलने की प्रेरणा दे रही है।

चेतन शुक्ला
Official Verified Account

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

आपकी प्रतिक्रिया?


आपको यह भी पसंद आ सकता हैं

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!