ट्विषा शर्मा मौत मामला: भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई है नामुमकिन, CBI ने सुप्रीम कोर्ट में दी दलील भारत एक घंटा पहले 6
पूर्व मॉडल ट्विषा शर्मा की मौत के मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है, जिसमें भोपाल में ट्रायल की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

CBI ने जताई निष्पक्ष ट्रायल पर शंका

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में चर्चित पूर्व मॉडल ट्विषा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। एजेंसी ने शीर्ष अदालत में एक अहम हलफनामा दाखिल किया है, जिसमें एक सनसनीखेज दावा किया गया है। CBI ने साफ तौर पर कहा है कि भोपाल में इस पूरे मामले की निष्पक्ष सुनवाई होना चुनौतीपूर्ण होगा। जांच एजेंसी का यह मानना है कि इस केस की मुख्य आरोपी और ट्विषा की सास गिरिबाला सिंह का स्थानीय स्तर पर गहरा प्रभाव है, जो पूरी न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। गौरतलब है कि गिरिबाला सिंह पूर्व जिला जज रह चुकी हैं और इसी पृष्ठभूमि के चलते कानूनी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।

गवाहों को प्रभावित करने का डर

अपनी रिपोर्ट में CBI ने इस बात पर जोर दिया है कि गिरिबाला सिंह के रसूख और प्रभाव के कारण निचली अदालत में सुनवाई के दौरान बाधाएं आ सकती हैं। एजेंसी को आशंका है कि गवाहों पर दबाव बनाया जा सकता है, जिससे मामले की तह तक पहुंचना मुश्किल हो जाएगा। CBI ने यह भी उल्लेख किया है कि घटना के तुरंत बाद गिरिबाला सिंह ने जिस तरह से घटनास्थल को व्यवस्थित किया और कथित तौर पर साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की, उससे उनकी मंशा पर सवाल उठते हैं। जांच एजेंसी का यह भी तर्क है कि राज्य पुलिस की शुरुआती जांच के दौरान भी गिरिबाला सिंह का अनावश्यक दखल सामने आया था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे जांच को प्रभावित करने में सक्षम हैं।

मामले को बाहर ट्रांसफर करने की मांग

ट्विषा शर्मा के पिता ने पहले ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने अपनी याचिका के माध्यम से मांग की है कि इस पूरे मामले की सुनवाई को मध्य प्रदेश से बाहर किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित कर दिया जाए। उन्होंने दिल्ली में सुनवाई की प्राथमिकता जताई है। उनका तर्क है कि एक पूर्व जिला जज के प्रभाव के चलते स्थानीय अदालतों में इंसाफ मिलने की संभावना कम है। अब CBI द्वारा दाखिल किए गए इस नवीनतम हलफनामे को पीड़ित पक्ष की मांग के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद अब ट्रायल ट्रांसफर की मांग ने तूल पकड़ लिया है और पूरी कानूनी प्रक्रिया अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी है।

चार्जशीट में दहेज हत्या के गंभीर आरोप

इससे पहले, CBI ने इस मामले में 636 पन्नों की एक विस्तृत चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें मुख्य आरोपियों के तौर पर समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह का नाम शामिल है, जिन पर दहेज हत्या के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व मॉडल ट्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। उनकी मौत के बाद उनके पति समर्थ सिंह, जो कि पेशे से वकील हैं, और उनकी सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया गया था। बाद में मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंप दी थी।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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