लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका रखेंगे डोनाल्ड ट्रंप? कनाडा के साथ व्यापारिक तनाव के बीच दी धमकी विश्व 2 घंटे पहले 6
कनाडा और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापारिक टकराव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने लेक ओंटारियो का नाम बदलने की चेतावनी दी है। ट्रंप ने इस झील का नाम बदलकर लेक अमेरिका रखने का संकेत दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंधों में और खटास आ गई है।

लेक ओंटारियो के नामकरण को लेकर ट्रंप का बड़ा ऐलान

कनाडा के साथ जारी व्यापारिक खींचतान के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान दिया है। मंगलवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका प्रशासन लेक ओंटारियो का नाम बदलकर लेक अमेरिका करने की योजना पर गंभीरता से विचार कर रहा है। ट्रंप ने इस फैसले को वॉशिंगटन और ओटावा के बीच बिगड़ते आर्थिक रिश्तों के साथ सीधे तौर पर जोड़ा है। गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले भी ट्रंप इसी तरह का कदम उठा चुके हैं, जब उन्होंने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के माध्यम से गल्फ ऑफ मेक्सिको का नाम बदलकर गल्फ ऑफ अमेरिका कर दिया था। उस वक्त उनके इस फैसले को लेकर वैश्विक स्तर पर काफी राजनीतिक आलोचना हुई थी।

लेक ओंटारियो का नाम बदलने की धमकी के पीछे का कारण

ट्रंप द्वारा यह विवादास्पद बयान ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर तेज हो गई है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन ने कनाडा से आने वाले 20 अरब डॉलर के सामान पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया था। इस कदम के बाद मंगलवार को कनाडा की ओर से जवाबी कार्रवाई की प्रबल संभावना जताई जा रही थी। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखते हुए स्पष्ट किया कि अब अमेरिका को ओंटारियो के साथ व्यापार में कोई विशेष लाभ की उम्मीद नहीं है, इसलिए वे झील का नाम बदलने के विकल्प पर काम कर रहे हैं। लेक ओंटारियो का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि यह अमेरिका और कनाडा दोनों देशों की सीमाओं को जोड़ती है और यहां की अर्थव्यवस्थाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण है। ओंटारियो प्रांत की बात करें तो यह न केवल कनाडा का सबसे अधिक जनसंख्या वाला क्षेत्र है, बल्कि यह देश के ऑटोमोबाइल निर्माण उद्योग का प्रमुख केंद्र भी माना जाता है।

कनाडा को मिली कड़ी चेतावनी और आगे की चुनौतियां

ट्रंप और कनाडाई नेतृत्व के बीच जुबानी जंग भी चरम पर है। सोमवार को ट्रंप ने कनाडाई नेताओं को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा था कि वे उनके साथ तालमेल बिठाएं अन्यथा उन्हें ऐसे गंभीर परिणामों का सामना करना पड़ेगा जो वर्तमान में लगाए गए टैरिफ से कहीं ज्यादा विनाशकारी होंगे। इसके अलावा, ट्रंप ने कनाडा की ऑटोमोबाइल सेक्टर, स्टील और ऑटो पार्ट्स पर भी 50 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने की धमकी दी है। दूसरी तरफ, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने वॉशिंगटन पर आरोप लगाया है कि वह अपनी व्यापारिक नीतियों के जरिए कनाडा की स्वायत्तता को दबाने और उसे अपने अधीन करने की कोशिश कर रहा है। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच व्यापारिक विवाद अब केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रह गया है।

करण मल्होत्रा पाबना के अंतरराष्ट्रीय संवाददाता हैं, जो अमेरिका, यूरोप और एशिया की खबरें रिपोर्ट करते हैं। वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और बड़े अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर वे नजर रखते हैं। उनकी रिपोर्ट्स दुनिया की हलचल को पाठकों तक तेजी से पहुंचाती हैं।

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