अंतरिक्ष में अचानक गुम हुई एस्ट्रोनॉट की बोली, नासा में पसरा सन्नाटा, महीनों छुपा रहा राज, अब खुला पूरा सच जीवनशैली एक घंटा पहले 2
जनवरी 2026 में नासा ने स्पेसएक्स के क्रू-11 मिशन को अचानक समय से पहले समेट लिया था। अब सामने आया है कि अंतरिक्ष यात्री माइक फिन्के की बोलने की क्षमता अचानक चली गई थी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में पृथ्वी पर वापस बुलाना पड़ा।

धरती से निहारने पर अंतरिक्ष जितना मनमोहक नजर आता है, हकीकत में वह उतना ही रहस्यमयी और जानलेवा खतरों से घिरा हुआ है। इसी साल जनवरी 2026 में नासा ने स्पेसएक्स के क्रू-11 मिशन को तय वक्त से पहले ही अचानक खत्म कर दिया था। इस फैसले की असली वजह कई महीनों तक राज बनी रही और इसे लेकर पूरी तरह खामोशी छाई रही।

अब इस मिशन से जुड़ा एक ऐसा खुलासा हुआ है, जिसने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है। दरअसल अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तैनात अंतरिक्ष यात्री माइक फिन्के की अचानक बोलने की क्षमता ही जाती रही थी।

मेडिकल इमरजेंसी और जल्दबाजी में वापसी

फिन्के की आवाज अचानक गुम होते ही स्टेशन पर हड़कंप मच गया। इस आपात चिकित्सकीय स्थिति को देखते हुए नासा को बिना देर किए उन्हें वापस पृथ्वी पर लाने का फैसला करना पड़ा। नतीजतन तय समय से पूरे एक महीने पहले ही मिशन को समेटकर पूरे दल को धरती पर बुला लिया गया।

शरीर और खून के बहाव पर माइक्रोग्रैविटी की मार

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर अंतरिक्ष की माइक्रोग्रैविटी और इंसानी शरीर के रिश्ते को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भारहीनता की इस स्थिति में मानव शरीर और खून के बहाव में होने वाले खतरनाक बदलाव ने डॉक्टरों को भी हैरत में डाल दिया है।

यही वह पहलू है जिसने वैज्ञानिकों और चिकित्सकों की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि लंबे अंतरिक्ष मिशनों में इंसानी सेहत पर पड़ने वाले ऐसे असर को समझना भविष्य की उड़ानों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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