सिर्फ 250 रुपए में जंगल का रोमांच! बिहार की इस सफारी में AC बस से देखें शेर, चीता और हाथी जीवनशैली एक घंटा पहले 2
बिहार के राजगीर जू सफारी में महज 250 रुपए के टिकट पर एसी बस में बैठकर शेर, बाघ, चीता, भालू और हिरण समेत कई जंगली जानवरों का दीदार किया जा सकता है। यहां जंगल सफारी और नेचर सफारी के लिए अलग-अलग टिकट लेने होते हैं।

इस गर्मी की छुट्टियों में अगर आप परिवार और बच्चों के साथ किसी रोमांचक जगह की तलाश में हैं, तो बिहार के राजगीर स्थित जंगल सफारी आपके लिए शानदार विकल्प साबित हो सकती है। राजगीर में घूमने के लिए वैसे तो दर्जनों स्थान मौजूद हैं, लेकिन जंगल सफारी का अनुभव आपकी यात्रा में रोमांच का अलग ही रंग भर देगा। यहां की सैर में आपको राष्ट्रीय पक्षी मोर, जंगल के राजा शेर, चीता, हिरण, भालू, बंदर और बाघ समेत कई वन्यजीवों को नजदीक से देखने का मौका मिलता है।

250 रुपए का टिकट और एक घंटे का सफर

जंगल सफारी के लिए टिकट ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से लिया जा सकता है, जिसकी कीमत 250 रुपए है। इतने में ही आप पूरी जंगल सफारी का आनंद उठा सकते हैं। टिकट के साथ आपको जानवरों का म्यूजियम देखने का मौका मिलता है, साथ ही 15 मिनट का जंगल शो भी दिखाया जाता है। इसके बाद आपको सफारी के लिए जंगल के भीतर ले जाया जाता है। करीब 1 घंटे तक चलने वाली यह सफारी आपकी यात्रा को यादगार बना देती है।

एसी बस में सुरक्षित सैर

जंगल के भीतर घूमने के लिए एसी बस की व्यवस्था की गई है, जो जंगलों में चलने के लिहाज से पूरी तरह सुरक्षित है। बस में बैठकर आप पूरे जंगल का नजारा ले सकते हैं। सबसे पहले आपको हिरण सफारी की ओर ले जाया जाता है, जहां 200 से अधिक हिरण और बंदर मौजूद हैं। यहां हिरण और बंदर उछल-कूद करते और नाचते हुए दिखाई देते हैं।

भालू, चीता और बाघ का दीदार

हिरण सफारी के बाद बारी आती है भालू सफारी की, जहां बांस की झाड़ियों के बीच भालू आराम करते नजर आते हैं। इसके बाद चीता सफारी में बड़े-बड़े पेड़ों पर बैठे चीते देखे जा सकते हैं। फिर बाघ सफारी का रुख किया जाता है, जहां दो बाघ देखने को मिलते हैं। बाघ अधिकतर पानी में रहना पसंद करते हैं, इसलिए सफारी में जगह-जगह बने नाद में उन्हें बैठे हुए देखा जा सकता है।

शेर सफारी और 7 किलोमीटर का सफर

अंत में आपको शेर सफारी की ओर ले जाया जाता है, जहां तीन शेर पेड़ की छांव में आराम फरमाते दिखाई देते हैं। करीब 7 किलोमीटर के इस सफर के बाद जू सफारी समाप्त हो जाती है। इसके अलावा यहां राष्ट्रीय पक्षी मोर समेत मकाऊ जैसे कई तरह के पक्षी भी देखे जा सकते हैं, जिनके लिए अलग बाड़ी बनाई गई है। बच्चों के मनोरंजन के लिए एक पार्क भी मौजूद है, जिसका आनंद बच्चे इसी टिकट पर ले सकते हैं।

दो तरह के टिकट: जंगल और नेचर सफारी

राजगीर जू सफारी में दो तरह के टिकट लगते हैं — एक जंगल सफारी के लिए और दूसरा नेचर सफारी के लिए। दोनों के लिए अलग-अलग टिकट लेना पड़ता है। नेचर सफारी में आपको ग्लास ब्रिज और सस्पेंशन ब्रिज पर ले जाया जाता है। करीब 3-4 घंटे के इस सफर के बाद राजगीर जू सफारी पूरी होती है। यह पूरी यात्रा आपको और आपके बच्चों को न सिर्फ रोमांचित करेगी, बल्कि काफी कुछ सीखने का मौका भी देगी।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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