बरसात के मौसम में रांची-खूंटी रोड का सफर है खास, लॉन्ग ड्राइव और प्राकृतिक नजारों का लें भरपूर आनंद जीवनशैली 2 महीने पहले 67
रांची से खूंटी तक की सड़क बरसात के दौरान बेहद खूबसूरत हो जाती है। यह सफर लॉन्ग ड्राइव के शौकीनों के लिए किसी जन्नत से कम नहीं है, जहां आप वॉटरफॉल, हिरण पार्क और धार्मिक स्थलों की सैर कर सकते हैं।

रांची से खूंटी: लॉन्ग ड्राइव का एक शानदार विकल्प

अगर आप मानसून की पहली फुहारों के बीच कहीं घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो रांची से खूंटी जाने वाली सड़क एक बेहतरीन चुनाव हो सकती है। घने जंगलों, ऊंची पहाड़ियों और हरियाली से लदी यह सड़क लॉन्ग ड्राइव के शौकीनों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है। सड़क की शानदार बनावट और आसपास का शीतल वातावरण यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देता है। जैसे ही आप इस मार्ग पर आगे बढ़ते हैं, यहां की ठंडी हवाएं और खुशनुमा मौसम आपका स्वागत करते हैं।

हिरण पार्क और बायोडायवर्सिटी पार्क में रोमांच

इस रास्ते की यात्रा के दौरान आपको सबसे पहले हिरण पार्क और बायोडायवर्सिटी पार्क के दर्शन होंगे। यह जगह खास तौर पर वन्यजीव प्रेमियों और बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र है। पार्क के भीतर आपको कई तरह के हिरण और भालू देखने को मिल सकते हैं। इसके अलावा यहां बने तालाब और छोटे झरने इसकी सुंदरता में चार चांद लगाते हैं। अगर आप यात्रा के दौरान भूख महसूस करें, तो पार्क के अंदर कैंटीन और कैफेटेरिया की सुविधा उपलब्ध है। वहीं, सड़क के किनारे स्थित देसी ढाबों पर आप शाकाहारी और मांसाहारी व्यंजनों का स्वाद ले सकते हैं, जो इस ट्रिप को और भी यादगार बना देते हैं।

पंचघाघ वॉटरफॉल: प्रकृति का स्विमिंग पूल

खूंटी की ओर बढ़ते हुए रास्ते में आने वाला पंचघाघ वॉटरफॉल इस पूरे सफर का मुख्य आकर्षण है। यह वॉटरफॉल अपनी अनूठी बनावट के लिए जाना जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह प्राकृतिक रूप से बिल्कुल किसी स्विमिंग पूल की तरह दिखाई देता है। यहां नहाने का अनुभव बेहद सुरक्षित और आनंददायक होता है। यही कारण है कि लोग दूर-दूर से, यहां तक कि 100 किलोमीटर की दूरी तय करके इस प्राकृतिक कुंड में डुबकी लगाने आते हैं। घने जंगलों के बीच बने इस वॉटरफॉल में सुकून के कुछ पल बिताना हर किसी के लिए एक बेहतरीन अनुभव होता है।

अंगराबारी शिव मंदिर की महिमा

इस यात्रा के अंतिम पड़ाव के रूप में आप अंगराबारी शिव मंदिर, जिसे आम्रेश्वर धाम के नाम से भी जाना जाता है, वहां पहुंच सकते हैं। इस मंदिर को लेकर स्थानीय लोगों में गहरी आस्था है। मान्यताओं के अनुसार, यहां एक बरगद के पेड़ के नीचे शिवलिंग स्वयं प्रकट हुआ था। भक्तों का अटूट विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद जरूर पूरी होती है। इस परिसर में देवी मां का भी मंदिर स्थित है। मंदिर की दिव्यता के कारण यहाँ दर्शन के लिए लोग 200 किलोमीटर तक की लंबी यात्रा करके आते हैं। यह मंदिर इस मार्ग से गुजरने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए रुकने का एक अनिवार्य स्थान बन गया है। इस प्रकार, रांची से खूंटी की यह यात्रा न केवल प्राकृतिक खूबसूरती का अनुभव कराती है, बल्कि आध्यात्मिक शांति का भी एहसास दिलाती है।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

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