मेरठ में भीषण हादसा: 10 फीट गहरे पानी में डूबा तांगा, चालक और घोड़े की मौके पर ही गई जान उत्तर प्रदेश एक महीने पहले 78
मेरठ के लोहियानगर इलाके में एक रेलवे अंडरपास में भरे पानी में तांगा सवार की डूबकर मौत हो गई। प्रशासन की लापरवाही और सुरक्षा के अभाव के चलते हुए इस हादसे में घोड़े ने भी दम तोड़ दिया।

रेलवे अंडरपास बना मौत का कुआं

मेरठ में हुई मूसलाधार बारिश के बाद रेलवे अंडरपास लोगों के लिए बड़ी मुसीबत और जानलेवा जाल बन गए हैं। शनिवार की सुबह लोहियानगर इलाके में स्थित बजौट रेलवे अंडरपास में एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई। यहां पानी से लबालब भरे अंडरपास में एक तांगा चालक और उसके घोड़े की डूबने से मौत हो गई। अंडरपास में करीब 10 फीट तक पानी भरा हुआ था, जिसके चलते चालक को गहराई का सही अंदाजा नहीं हो पाया और वह सीधे गहरे पानी के बीच जा पहुंचा।

कौन था मृतक चालक

हादसे में जान गंवाने वाले तांगा चालक की पहचान ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र के गणेशपुरी खत्ता रोड निवासी राकेश सैनी के तौर पर हुई है। राकेश एक डेरी में काम करते थे और शनिवार की सुबह पशुओं के लिए चारा लाने के उद्देश्य से घोड़ा-तांगा लेकर निकले थे। उन्हें जरा भी आभास नहीं था कि यह रास्ता उनके जीवन का आखिरी सफर साबित होगा।

चेतावनी को नजरअंदाज करना पड़ा भारी

बिजली बंबा बाईपास मार्ग पर स्थित इस अंडरपास में भारी बरसात के कारण 10 फुट तक पानी भर गया था। चश्मदीदों के अनुसार, वहां तैनात रेलवे गैंगमैन ने राकेश को बार-बार आगाह किया था कि वे पानी की गहराई को देखते हुए तांगा आगे न ले जाएं। हालांकि, तांगा चालक ने चेतावनी को अनसुना कर दिया और तांगा पानी में उतार दिया। देखते ही देखते तांगा पानी में फंस गया। राकेश ने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई, लेकिन जब तक आसपास के लोग बचाव के लिए दौड़कर वहां पहुंचते, तब तक घोड़ा, तांगा और राकेश गहरे पानी में पूरी तरह डूब चुके थे।

पुलिस और स्थानीय लोगों का राहत कार्य

सूचना पाकर लोहियानगर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पानी इतना गहरा था कि चालक का शव दिखाई नहीं दे रहा था। बचाव अभियान के दौरान फफूंडा चौकी प्रभारी राम शरण ने साहस का परिचय दिया और स्वयं टीम के साथ पानी में उतरे। काफी मशक्कत के बाद राकेश के शव को पानी से बाहर निकाला गया। इसके बाद स्थानीय निवासियों की मदद से मृत घोड़े को भी पानी से बाहर निकाला गया। मृतक के पुत्र संजय और पुत्री रजनी घटनास्थल पर पहुंचे, जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। फिलहाल पुलिस घटना की जांच में जुटी है और पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है।

प्रशासन की लापरवाही पर आक्रोश

इलाके के लोगों ने इस हादसे के लिए प्रशासन की सुस्ती और सुरक्षा व्यवस्था की कमी को जिम्मेदार ठहराया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अंडरपास में जलभराव की समस्या काफी पुरानी है, लेकिन प्रशासन ने अब तक प्रभावी जल निकासी के इंतजाम नहीं किए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त नहीं किए गए तो ऐसे हादसे दोबारा हो सकते हैं। उल्लेखनीय है कि मेरठ से पहले गाजियाबाद में भी जलभराव के चलते घर के बाहर खेल रही 3 साल की एक बच्ची की पानी में डूबने से मौत हो चुकी है।

चेतन तिवारी पाबना के उत्तर प्रदेश संवाददाता हैं और राज्य की राजनीति, प्रशासन तथा जमीनी मुद्दों को कवर करते हैं। लखनऊ में रहते हुए वे जिलों से लेकर विधानसभा तक की खबरें संतुलित रिपोर्टिंग के साथ पाठकों तक पहुंचाते हैं। आम लोगों के मुद्दों और स्थानीय घटनाओं पर उनका खास फोकस रहता है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप