मध्य प्रदेश
3 घंटे पहले
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जून का महीना चल रहा है और गर्मी अपने चरम पर है। बच्चों की छुट्टियों के भी अब गिने-चुने दिन बचे हैं। ऐसे में अगर आप इस वीकेंड परिवार के साथ कहीं घूमने की योजना बना रहे हैं, तो सागर और उसके आसपास कुछ ऐसी बेहतरीन जगहें मौजूद हैं जहां धर्म, संस्कृति, इतिहास और पर्यटन का भरपूर आनंद मिलता है। आइए जानते हैं इन खास ठिकानों के बारे में।
रिछावर गांव और मां हरसिद्धि मंदिर
सागर शहर से सिर्फ 8 किलोमीटर की दूरी पर बेवस नदी के किनारे बसा रिछावर गांव है। नदी के तट पर सैकड़ों साल पुराना एक बरगद का पेड़ खड़ा है, जिसके नीचे प्रसिद्ध मां हरसिद्धि का मंदिर स्थित है। यहां आकर मन को अद्भुत शांति और सुकून मिलता है। लोग नदी में उठती लहरों को निहारते हैं, घाटों का आनंद लेते हैं और आसपास के हरे-भरे पेड़ों के बीच प्रकृति की ताजगी महसूस करते हैं।
लाखा बंजारा झील
इन दिनों सागर शहर की शान कही जाने वाली लाखा बंजारा झील भी पर्यटकों के लिए शानदार स्थल बन गई है। इसके किनारे मुख्य बस स्टैंड, परकोटा, कोतवाली, चकरा घाट, बरिया घाट, गणेश घाट, रानीपुरा, श्री राम नगर, वैशाली नगर और चैतन्य जैसे क्षेत्र मौजूद हैं, जहां बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ रही है।
संजय ड्राइव का नया टूरिस्ट स्पॉट
संजय ड्राइव पर विकसित किया गया नया पर्यटन स्थल भी लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है। तालाब के किनारे मियां बाकी जंगल, नक्षत्र वाटिका और नवग्रह मंडप बने हुए हैं। यहां 50 से अधिक मंदिर हैं, बच्चों के खेल-खिलौनों की दुकानें रोजाना सजती हैं और चाट चौपाटी का भी इंतजाम है। तालाब में सैर-सपाटे के लिए बोटिंग की सुविधा है, जहां 30 से अधिक नावें चल रही हैं।
सिलेरा गांव की सिद्ध बाबा पहाड़ी
अगर आप प्रकृति के करीब रहकर शांति और सुकून की तलाश में हैं, तो सागर के खुरई रोड पर स्थित सिलेरा गांव आपके लिए सही है, जो पहाड़ियों से घिरा हुआ है। यहीं सिद्ध बाबा के नाम से मशहूर एक पहाड़ी है, जहां ऊपर तक जाने के लिए सीढ़ियां बनी हैं और बीच-बीच में मंदिर हैं। इस पहाड़ी की चोटी से पूरा सागर शहर नजर आता है। हरे-भरे पेड़-पौधों से सजी यह पहाड़ी अद्भुत शांति का एहसास कराती है और मंद-मंद बहती हवा मन को ताजगी से भर देती है।
गढ़ पहरा की पहाड़ी और शीश महल
कुछ ऐसी ही गढ़ पहरा की पहाड़ी भी है, जहां हनुमान मंदिर आस्था का केंद्र है, वहीं सदियों से खड़ा किला इतिहास की कहानियां सुनाता है। लाल पत्थर की चट्टानों पर खड़ा शीश महल राजा और नर्तकी की प्रेम कहानी का प्रतीक है। पहाड़ी को काटकर निकाला गया नेशनल हाईवे 44 किसी खूबसूरत जन्नत का एहसास कराता है।
नौरादेही टाइगर रिजर्व
अगर आपको जंगल, नदी और शेर, भालू, हिरण, तेंदुआ, भेड़िया, हाथी, नीलगाय, तितली के साथ-साथ चट्टान, पहाड़ और पक्षियों से लगाव है, तो मध्य प्रदेश के सबसे बड़े टाइगर रिजर्व के रूप में जाना जाने वाला नौरादेही किसी स्वर्ग से कम नहीं है। यहां मात्र 6000 के खर्चे में परिवार के साथ दो दिन भरपूर आनंद उठाया जा सकता है।
रहली की सुनार नदी और सूर्य मंदिर
रहली नगर के बीचों-बीच से बहने वाली सुनार नदी दोनों डैम से पानी छोड़े जाने के कारण इन दिनों लबालब भरी हुई है। यहां सुंदर घाटों के निर्माण के बाद से न सिर्फ स्थानीय लोगों की आवाजाही बढ़ी है, बल्कि जबलपुर-सागर रोड पर स्थित होने के कारण बाहरी पर्यटक भी यहां रुककर यादगार पल बिताते हैं। इन्हीं घाटों पर बुंदेलखंड का एकमात्र 1100 साल पुराना सूर्य मंदिर, एक ऐतिहासिक किला और भारत में मानव रूप में दर्शन देने वाले हनुमान जी का इकलौता मंदिर है। यहां बनाया गया अटल सेतु सेल्फी प्वाइंट के रूप में लोकप्रिय है।
शहर के भीतर घूमने की और भी जगहें
सागर का सिटी फॉरेस्ट, राजघाट डैम, मंगलगिरी धाम, इको पार्क, अटल पार्क, धर्म श्री क्षेत्र और दुबे तालाब भी घूमने के लिए बेहतरीन स्थानों में शामिल हैं। परिवार के साथ इन जगहों की सैर शहर में ही एक यादगार ट्रिप बन सकती है।
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