राजस्थान
2 घंटे पहले
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मालपुरा में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम
राजस्थान के टोंक जिले स्थित मालपुरा में सोमवार को कांवड़ यात्रा पूरी सुरक्षा और शांति के साथ संपन्न हो गई। इस यात्रा की विशेषता यह थी कि इसमें करीब 1300 कांवड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रशासन ने यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। मुख्य रूप से 2 किलोमीटर का एक क्षेत्र ऐसा था जिसे पुलिस ने अति संवेदनशील घोषित किया था। इस पूरे रास्ते में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात रहा और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए गलियों में बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें सील कर दिया गया था।
ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी
सुरक्षा के मोर्चे पर प्रशासन ने कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। पूरे इलाके की निगरानी के लिए 50 सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए थे, जो हर हलचल पर पैनी नजर रखे हुए थे। इसके अलावा, आसमान से सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए 5 हाईटेक ड्रोन का इस्तेमाल लगातार किया गया। यह व्यवस्था इसलिए भी महत्वपूर्ण थी क्योंकि साल 2019 में इसी रास्ते से गुजरते समय कांवड़ियों पर पथराव की घटना हुई थी। उस घटना के बाद से प्रशासन के लिए कांवड़ यात्रा का शांतिपूर्ण आयोजन एक बड़ी चुनौती और साख का विषय बना हुआ था।
1400 जवानों का कड़ा पहरा
प्रशासन ने इस वर्ष सुरक्षा के लिए लगभग 1400 पुलिस जवानों को तैनात किया था। अजमेर रेंज के आईजी डॉ. रवि, जिला कलेक्टर टीना डाबी और एसपी रोशन मीणा सहित शीर्ष अधिकारी व्यक्तिगत रूप से पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए थे। अधिकारियों का स्पष्ट निर्देश था कि संवेदनशील माने जाने वाले इस मार्ग से कांवड़ यात्रा बिना किसी विवाद के गुजरनी चाहिए। यात्रा के दौरान सामान्य लोगों की आवाजाही पर भी काफी हद तक प्रतिबंध लगा दिया गया था ताकि किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न न हो।
ट्रक स्टैंड पर उत्साह का माहौल
जैसे ही कांवड़ यात्रा ने संवेदनशील क्षेत्र को पार कर ट्रक स्टैंड का इलाका तय किया, वहां का वातावरण पूरी तरह बदल गया। सुरक्षा की चिंताएं पीछे छूट गईं और स्थान पर मौजूद हजारों लोगों ने कांवड़ियों का उत्साह के साथ स्वागत किया। स्थानीय नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर कांवड़ियों का अभिनंदन किया। इसके पश्चात, सभी श्रद्धालु कृषि मंडी स्थित शिवालय पहुंचे, जहां विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया। यात्रा के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर प्रशासन और स्थानीय निवासियों ने काफी राहत महसूस की।
राजनीतिक बयानबाजी का दौर
यात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी भी वहां मौजूद रहे। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन ने कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए बेहतरीन कार्य किया है। हालांकि, इस अवसर पर उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर निशाना साधने से भी परहेज नहीं किया। मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में यह पारंपरिक यात्रा करीब 5 साल तक बंद रही थी। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार के दौरान श्रद्धालु अपनी परंपराओं को पूरी सुरक्षा और सम्मान के साथ निभा पा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता में रहने के दौरान कांग्रेस हमेशा सनातन धर्म को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करती है।
प्रशासन के लिए बड़ी उपलब्धि
मालपुरा में कांवड़ यात्रा का शांतिपूर्ण समापन प्रशासन के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। साल 2019 की घटना के बाद से इस मार्ग को लेकर हमेशा से चिंता बनी रहती थी, लेकिन इस बार पुलिस और जिला प्रशासन ने अपनी रणनीतिक तैयारियों से इसे सफल बना दिया। गलियों को सील करने से लेकर ड्रोन कैमरों तक के त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र ने किसी भी शरारती तत्व को मौका नहीं दिया। अब जबकि यात्रा बिना किसी विवाद के पूरी हो गई है, प्रशासन ने राहत की सांस ली है। इस पूरे आयोजन को स्थानीय स्तर पर एक बड़े प्रशासनिक सुधार और शांति बहाली के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
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