राजस्थान में बड़ा खुलासा: इंडियन ऑयल की पाइपलाइन से तेल चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ राजस्थान एक महीने पहले 50
टोंक पुलिस ने छह राज्यों में सक्रिय तेल चोर गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो आईओसीएल की पाइपलाइन में सेंध लगाकर करोड़ों का कच्चा तेल चुरा रहे थे।

टोंक पुलिस की बड़ी कार्रवाई

राजस्थान के टोंक में पुलिस ने एक अत्यंत शातिर और संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की सलाया-मथुरा क्रूड ऑयल पाइपलाइन को निशाना बना रहा था। राष्ट्रीय महत्व की इस पाइपलाइन में सेंधमारी करने वाले इस गिरोह का नेटवर्क टोंक से लेकर मेरठ तक फैला हुआ था। पुलिस ने महज 15 दिनों के भीतर ही छह अलग-अलग राज्यों से जुड़े 12 आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इस गिरोह के मास्टरमाइंड की पहचान मेरठ निवासी मुनेश कुमार उर्फ फौजी के रूप में हुई है, जो देश भर में पाइपलाइन चोरी की दो दर्जन से अधिक वारदातों में शामिल रहा है।

बड़ी दुर्घटना टली

इस गिरोह के पकड़े जाने से न केवल सरकारी संपत्ति की चोरी रुकी है, बल्कि एक बड़ा मानवीय और पर्यावरणीय संकट भी टल गया है। यदि इस पाइपलाइन में छेद या रिसाव जारी रहता, तो तेल पाइपलाइन में आग लगने या विस्फोट होने का खतरा था, जिससे आसपास के कई गांवों में भारी तबाही मच सकती थी। स्थानीय प्रशासन और पुलिस का मानना है कि समय रहते कार्रवाई न की जाती, तो यह मामला किसी बड़े जन-धन के नुकसान में बदल सकता था।

भूमिगत पाइपलाइन में था अवैध कनेक्शन

इस पूरे खेल का खुलासा 8 जुलाई को हुआ, जब आईओसीएल की तकनीकी सर्वे टीम नियमित जांच के लिए टोंक जिले के लड़ी गांव के पास पहुंची। वहां एसएमपीएल पाइपलाइन के चेनज 525.750 किलोमीटर बिंदु पर टीम को खेत के एक कोने में कुछ संदिग्ध झाड़ियां दिखाई दीं। जब वहां खुदाई की गई, तो मुख्य भूमिगत पाइपलाइन से जुड़ा एक अवैध कनेक्शन मिला। यह पाइप करीब 30 फीट लंबा था और इसका व्यास दो इंच था। इसके अंतिम सिरे पर एक वाल्व लगाया गया था, जिससे आरोपी आसानी से कच्चा तेल चोरी करते थे। आईओसीएल के अधिकारियों ने बताया कि यह कनेक्शन बेहद ही खतरनाक तरीके से किया गया था, जो किसी भी वक्त बड़े विस्फोट का कारण बन सकता था।

गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कठोर कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इसमें पेट्रोलियम एंड मिनरल पाइपलाइन एक्ट 1962 (संशोधित 2011), विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई गंभीर धाराओं को शामिल किया गया है। पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा के निर्देशन में और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मालपुरा पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी के सुपरविजन में विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने इस अंतरराज्यीय नेटवर्क की जड़ें खोजीं।

तकनीकी जांच और मुखबिर तंत्र की सफलता

पुलिस ने इस केस को सुलझाने के लिए मानवीय इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का बेहतरीन तालमेल बिठाया। टीम ने छह राज्यों में फैले सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को खंगाला और पुराने पाइपलाइन चोरी के मामलों के अपराधियों का डेटाबेस तैयार किया। लगातार 15 दिनों तक दिन-रात चले इस ऑपरेशन में पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय रखा। पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके के कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। अपराधी पहले कई दिनों तक इलाके की रेकी करते थे, फिर रात के अंधेरे में खेतों के रास्ते पहुंचकर विशेष ड्रिलिंग मशीनों से पाइपलाइन में छेद करते थे।

सरगना मुनेश कुमार का काला इतिहास

गिरोह का सरगना 60 वर्षीय मुनेश कुमार उर्फ फौजी एक शातिर अपराधी है, जिसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह खुद को एक कुशल मास्टरमाइंड मानता था जो अलग-अलग राज्यों में जाकर स्थानीय लोगों को अपने गिरोह में शामिल करता था। मुनेश के नेतृत्व में यह संगठित गिरोह एक सुनिश्चित योजना के तहत चोरी किए गए तेल को बेचने का नेटवर्क भी चलाता था। पुलिस अब उस नेटवर्क की भी जांच कर रही है जहां चोरी का यह तेल खपाया जाता था।

गिरफ्तार 12 आरोपियों की सूची

पुलिस ने अपनी छापेमारी में इन 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो देश के छह अलग-अलग राज्यों से आते हैं:

  • मुनेश कुमार उर्फ फौजी (मेरठ, उत्तर प्रदेश)
  • सतनाम सिंह (पंजाब)
  • अजय सिंह वाघेला (गुजरात)
  • राजेश कुमार (हरियाणा)
  • अनीश कुमार (हरियाणा)
  • धर्मेंद्र (मध्य प्रदेश)
  • जाकिर हुसैन (मध्य प्रदेश)
  • मोहनलाल गुर्जर (ब्यावर, राजस्थान)
  • नाथूराम गुर्जर (अजमेर, राजस्थान)
  • गोपाल गुर्जर (ब्यावर, राजस्थान)
  • शंकरलाल गुर्जर (टोंक, राजस्थान)
  • प्रभुलाल बैरवा (लड़ी, टोंक, राजस्थान)

वर्तमान में पुलिस इन सभी आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि तेल चोरी के पूरे तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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