पश्चिम बंगाल
एक घंटा पहले
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नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी लोकसभा सांसदों की आधिकारिक सूची सामने आ गई है, जिसमें कुल 19 सांसदों के नाम दर्ज हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी से अलग हुए 20 में से 19 सांसदों ने 18 मई को लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय में अपने नाम भेजे थे। अलग गुट बनाने के लिए बागियों को 19 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता थी, जो किसी भी अलग गुट के गठन हेतु जरूरी पार्टी की संसदीय ताकत का दो-तिहाई हिस्सा बनता है।
इस बागी सूची पर हस्ताक्षर करने वालों में यूसुफ पठान, सायनी घोष और माला रॉय जैसे नाम शामिल हैं, जिसके बाद पार्टी पूरी तरह दो हिस्सों में बंटने के कगार पर पहुंच गई है। अपने 28 साल के इतिहास में तृणमूल कांग्रेस इस समय सबसे बड़े राजनीतिक झटके का सामना कर रही है और ममता बनर्जी को जबरदस्त आंतरिक बगावत झेलनी पड़ रही है।
टीएमसी के बागी लोकसभा सांसदों की सूची
- काकोली घोष दस्तीदार
- शताब्दी रॉय
- बापी हलदर
- डॉ. शर्मिला सरकार
- प्रसून बंद्योपाध्याय
- जगदीश बर्मा बसुनिया
- असित कुमार मल
- अरूप चक्रवर्ती
- रचना बनर्जी
- सायोनी घोष
- खलीलुर्रहमान
- अबू ताहिर खान
- यूसुफ पठान
- मिताली बैग
- माला रॉय
- कालीपद सोरेन
- दीपक अधिकारी
- जून मालिया
- पार्थ भौमिक
स्पीकर से अलग गुट को मान्यता देने की मांग
सूत्रों के अनुसार, यह पत्र 18 मई को लोकसभा अध्यक्ष को लिखा गया था। पत्र में कहा गया है कि संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत उनकी संख्या 28 में से 20 यानी दो-तिहाई है। ऐसे में उन्हें एक अलग गुट के रूप में मानते हुए विपक्षी जगह से हटकर बैठने की अलग व्यवस्था की जाए।
बंगाल में बिखरती टीएमसी
गौरतलब है कि बंगाल में टीएमसी की करारी हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी में दरार पड़ गई है। ममता के 80 विधायकों में से 58 विधायकों ने विधानसभा में अलग गुट बना लिया है और स्पीकर ने बागी गुट के ऋतुव्रत बनर्जी को नेता विपक्ष के रूप में मान्यता दे दी है। अब लोकसभा के 28 में से 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग की है। इसके अलावा राज्यसभा के तीन सांसदों ने भी इस्तीफा दे दिया है, जिससे ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है।
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