Monsoon Skin Care: चिपचिपी त्वचा से हैं परेशान? बारिश के मौसम में न करें ये 5 बड़ी गलतियां, स्किन एक्सपर्ट से जानें सही उपाय जीवनशैली 11 घंटे पहले 1
मॉनसून के सुहाने मौसम में हवा की नमी आपकी त्वचा को चिपचिपी और ऑयली बना सकती है, जिससे बचने के लिए लोग अक्सर कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो त्वचा को नुकसान पहुंचाती हैं।

मॉनसून की रिमझिम बारिश जहां मौसम को खुशनुमा बना देती है, वहीं यह मौसम हमारी त्वचा के लिए कई चुनौतियां भी लेकर आता है। हवा में बढ़ती नमी यानी ह्यूमिडिटी के कारण चेहरा और पूरी बॉडी बेहद ऑयली और चिपचिपी महसूस होने लगती है। जब पसीना, धूल-मिट्टी और उमस एक साथ मिलते हैं, तो त्वचा के रोमछिद्र बंद हो जाते हैं। इसके कारण चेहरे पर मुंहासे, बारीक दाने और खुजली जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। लोग इन समस्याओं से निजात पाने के लिए तरह-तरह के उपाय और ब्यूटी प्रोडक्ट्स आजमाने लगते हैं, लेकिन सही जानकारी न होने के कारण स्थिति सुधरने के बजाय और खराब हो जाती है।

ऋषिकेश के डॉ. राजकुमार, जो आयुष विशेषज्ञ हैं, उन्होंने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि मॉनसून में लोग अपनी त्वचा को साफ और फ्रेश रखने की कोशिश में कई बड़ी गलतियां कर बैठते हैं। आइए जानते हैं कि वे कौन सी सामान्य आदतें हैं जो इस मौसम में आपकी त्वचा को फायदा पहुंचाने के बजाय नुकसान पहुंचा सकती हैं।

बार-बार नहाना और स्क्रब करना पड़ सकता है भारी

जब शरीर चिपचिपा महसूस होता है, तो सबसे पहला विचार बार-बार नहाने का आता है। डॉ. राजकुमार के अनुसार, दिन में कई बार नहाने से त्वचा का प्राकृतिक तेल यानी नेचुरल ऑयल जरूरत से ज्यादा निकल जाता है। इसके बाद त्वचा खुद को संतुलित करने के लिए और ज्यादा मात्रा में तेल बनाने लगती है, जिससे चिपचिपाहट और बढ़ जाती है।

इसी तरह, कई लोग त्वचा पर जमा ऑयल और गंदगी को साफ करने के लिए बार-बार चेहरे और शरीर को स्क्रब करने लगते हैं। ऐसा करने से त्वचा साफ होने के बजाय लाल, रूखी और अत्यधिक संवेदनशील हो सकती है। यदि आपके चेहरे पर पहले से ही मुंहासे या छोटे-छोटे दाने मौजूद हैं, तो अत्यधिक स्क्रबिंग से वे छिल सकते हैं और परेशानी बढ़ सकती है। त्वचा को साफ करने के लिए उसे जोर से रगड़ने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं होती, बल्कि बहुत ही हल्के हाथों से सफाई करना ज्यादा बेहतर रहता है।

मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन को नजरअंदाज न करें

चेहरा और बॉडी ऑयली दिखने पर बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि अब मॉइस्चराइजर की जरूरत नहीं है, लेकिन यह एक बहुत बड़ी भूल है। डॉ. राजकुमार बताते हैं कि मॉइस्चराइजर का काम केवल रूखी त्वचा को नमी देना ही नहीं होता, बल्कि यह त्वचा के भीतर नमी के संतुलन को बनाए रखने का भी काम करता है। मॉनसून के दौरान आपको भारी क्रीम के बजाय हल्के, जेल-बेस्ड या नॉन-कॉमेडोजेनिक मॉइस्चराइजर का ही इस्तेमाल करना चाहिए।

इसके अलावा, बारिश के दिनों में बादलों के छाए रहने के कारण लोग अक्सर सनस्क्रीन लगाना छोड़ देते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि आसमान में बादल होने या बारिश होने पर भी सूरज की हानिकारक UV किरणें बादलों को पार करके हमारी त्वचा तक आसानी से पहुंच सकती हैं। इसलिए घर से बाहर निकलते समय सनस्क्रीन लगाना बेहद जरूरी है। यदि आप लंबे समय तक बाहर रह रहे हैं, तो जरूरत के हिसाब से कुछ घंटों के अंतराल पर दोबारा सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

एक साथ कई प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से बचें

मॉनसून के इस मौसम में कई लोग अपनी त्वचा पर अलग-अलग तरह के प्रयोग करने लगते हैं। चेहरे की चमक बढ़ाने के लिए एक साथ कई तरह के सीरम, एंटी-एक्ने क्रीम और अन्य एक्टिव प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना त्वचा पर भारी पड़ सकता है। इससे त्वचा की ऊपरी परत कमजोर हो जाती है और बंद रोमछिद्रों की समस्या और भी गंभीर रूप ले सकती है। त्वचा की देखभाल के लिए एक सरल और नियमित स्किनकेयर रूटीन का ही पालन करना सबसे बेहतर विकल्प है।

चिपचिपाहट दूर करने के लिए आजमाएं यह आसान घरेलू नुस्खा

अगर आप इस मौसम में त्वचा की चिपचिपाहट और तेल से छुटकारा पाना चाहते हैं, तो डॉ. राजकुमार ने एक बेहद असरदार और आसान घरेलू फेस पैक साझा किया है। इस प्राकृतिक फेस पैक को आप घर पर ही मौजूद सामग्रियों से तैयार कर सकते हैं। इसे बनाने और लगाने का तरीका इस प्रकार है:

  • सामग्री:
  • एक चम्मच आलू का रस
  • एक चम्मच टमाटर का रस
  • एक चम्मच बेसन
  • आवश्यकतानुसार मुल्तानी मिट्टी

बनाने और लगाने की विधि: इन सभी सामग्रियों को एक साफ कटोरी में लें और अच्छी तरह मिलाकर एक पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पैक की एक पतली परत को अपने चेहरे और शरीर के प्रभावित हिस्सों पर समान रूप से लगाएं। इसे लगभग 10 से 15 मिनट तक सूखने के लिए छोड़ दें। जब पैक अच्छी तरह सूख जाए, तो इसे सामान्य साफ पानी से धो लें।

यह घरेलू नुस्खा त्वचा से अतिरिक्त तेल को सोखने और उसे तुरंत ताजगी देने में बेहद मददगार साबित होता है। हालांकि, हर किसी की त्वचा अलग प्रकार की होती है। कुछ संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को टमाटर या मुल्तानी मिट्टी से जलन या अत्यधिक रूखापन महसूस हो सकता है। इसलिए, इस पैक को चेहरे पर लगाने से पहले शरीर के किसी छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट जरूर कर लें।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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