बालकनी में कबूतरों का बसेरा? बिना एक रुपया खर्च किए अपनाएं ये देसी नुस्खे और पाएं राहत जीवनशैली एक महीने पहले 19
बालकनी में कबूतरों की गंदगी से परेशान लोगों के लिए महंगे नेट या पेस्ट कंट्रोल की जरूरत नहीं है। पुरानी सीडी, मसाले, एल्युमिनियम फॉयल, सिरका और बेकिंग सोडा जैसी घरेलू चीजों से ही कबूतरों को आसानी से दूर रखा जा सकता है।

शहरों में फ्लैट और अपार्टमेंट में रहने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही एक ऐसी समस्या भी सामने आ गई है जिससे लगभग हर दूसरा परिवार जूझ रहा है। यह परेशानी है बालकनी में कबूतरों का डेरा जम जाना। शुरुआत में इन पंछियों का आना भले ही अच्छा लगे, पर धीरे-धीरे यही कबूतर पूरी बालकनी को गंदगी से भर देते हैं।

इनकी बीट से बदबू उठने लगती है, फर्श खराब हो जाता है और कई बार बीमारी फैलने का डर भी बना रहता है। सबसे ज्यादा दिक्कत तब होती है जब कबूतर बालकनी में घोंसला बना लेते हैं और रोज वहीं आकर बैठने लगते हैं।

महंगे उपायों की जरूरत नहीं

ऐसी स्थिति में अक्सर लोग महंगे नेट, स्पाइक्स या पेस्ट कंट्रोल पर हजारों रुपये खर्च कर देते हैं। लेकिन अच्छी बात यह है कि कुछ आसान घरेलू तरीके अपनाकर बिना पैसा खर्च किए कबूतरों से छुटकारा पाया जा सकता है। खास बात यह है कि इनके लिए बाजार से कुछ खरीदने की भी जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि ज्यादातर चीजें घर में पहले से मौजूद रहती हैं।

घर में मौजूद कारगर चीजें

पुरानी सीडी, रसोई के मसाले, एल्युमिनियम फॉयल, सिरका और बेकिंग सोडा जैसी रोजमर्रा की चीजों की मदद से कबूतरों को आसानी से दूर रखा जा सकता है। इनके साथ-साथ बालकनी की नियमित सफाई भी बेहद जरूरी मानी जाती है, ताकि कबूतर दोबारा वहां ठिकाना न बनाएं।

पुरानी सीडी से भगाएं कबूतर

घर में पड़ी पुरानी और बेकार सीडी कबूतरों को दूर रखने में काफी काम आ सकती है। दरअसल कबूतर चमकती और हिलती-डुलती चीजों से डरते हैं।

अगर आप बालकनी की रेलिंग, खिड़की या दीवार के पास धागे से पुरानी सीडी लटका देते हैं तो हवा चलने पर वह घूमती रहती है। इससे सूरज की रोशनी रिफ्लेक्ट होकर सीधे कबूतरों की आंखों पर पड़ती है। यह चमक उन्हें परेशान करती है और वे उस जगह पर बैठने से बचने लगते हैं।

प्रिया नायर पाबना की लाइफस्टाइल एवं फैशन एडिटर हैं, जो फैशन, ब्यूटी और लाइफस्टाइल ट्रेंड्स कवर करती हैं। रिश्तों, संस्कृति और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर भी वे लिखती हैं। उनका लेखन आधुनिक और भारतीय जीवनशैली का संतुलन पेश करता है।

आपकी प्रतिक्रिया?

Comments

https://pabna.in/assets/images/user-avatar-s.jpg

0 comment

Write the first comment for this!

फेसबुक वार्तालाप