राष्ट्रीय राजनीति
एक घंटा पहले
2
विचारों
काम के दबाव पर सीजेआई की चिंता
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के प्रशासनिक कर्मचारियों को संबोधित करते हुए न्यायपालिका में काम के चुनौतीपूर्ण स्वरूप पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि न्याय प्रशासन के दौरान लगातार काम का भारी बोझ, टाइट डेडलाइन और अत्यधिक दबाव का सामना करना पड़ता है। इसका सीधा असर कर्मचारियों की मानसिक स्पष्टता और शारीरिक ऊर्जा पर पड़ता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कठिन माहौल में खुद को संतुलित रखना एक बड़ी जिम्मेदारी है।
योग: आधुनिक कामकाजी जीवन का समाधान
12वें इंटरनेशनल योग दिवस के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स में आयोजित कार्यक्रम में सीजेआई ने योग को आधुनिक कार्यस्थल के लिए बेहद जरूरी बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक गलत धारणा है कि योग के लिए घंटों का समय या विशेष शारीरिक लचीलेपन की आवश्यकता होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि केवल कुछ मिनट की सचेत सांस लेने की प्रक्रिया या बेसिक स्ट्रेचिंग भी तनाव को कम करने में काफी प्रभावी साबित हो सकती है।
निरंतरता है सफलता की कुंजी
सीजेआई ने योग के फायदों पर बात करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक परिणाम कभी-कभार अभ्यास करने से नहीं, बल्कि इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने से मिलते हैं। उन्होंने सभी कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम से सीखे गए अनुभवों को अपनी डेस्क और घर तक ले जाएं। उन्होंने कहा कि हेल्थ और माइंडफुलनेस को प्राथमिकता केवल एक दिन नहीं, बल्कि हर दिन दी जानी चाहिए।
इस वर्ष की थीम और उद्देश्य
इस वर्ष 12वें इंटरनेशनल योग दिवस की थीम हेल्दी एजिंग के लिए योगा रखी गई है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, योग न केवल शरीर को संतुलित और लचीला बनाता है, बल्कि यह बढ़ती उम्र के साथ मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। कार्यक्रम के अंत में सीजेआई ने आयोजन को सफल बनाने के लिए सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री टीम का आभार व्यक्त किया और सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं।
Comments
0 comment