रतलाम ट्रिपल मर्डर केस: लूट के लिए परिवार के तीन सदस्यों की ली थी जान, कोर्ट ने तीन दोषियों को दी उम्रकैद मध्य प्रदेश एक महीने पहले 21
मध्य प्रदेश के रतलाम में साल 2020 में हुए चर्चित हत्याकांड में अदालत ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।

न्यायालय का बड़ा फैसला

रतलाम जिले की एक अदालत ने वर्ष 2020 में हुई लूट और तीन लोगों की नृशंस हत्या के मामले में अपना फैसला सुना दिया है। अदालत ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजेश नामदेव ने अनुराग उर्फ बॉबी परमार (33), गौरव उर्फ गोलू बिलवाल (29) और लाला उर्फ भारत भाभोर (27) को दोषी करार देते हुए यह कठोर दंड दिया है। मामले की जानकारी देते हुए अतिरिक्त लोक अभियोजक समर्थ पाटीदार ने बताया कि दोषियों पर जुर्माना भी लगाया गया है।

देव दीपावली की रात रची गई साजिश

घटनाक्रम के अनुसार, 25 नवंबर 2020 की रात देव दीपावली के मौके पर अपराधियों ने राजीव नगर स्थित गोविंद सोलंकी के घर को निशाना बनाया था। आरोपियों ने गोविंद सोलंकी, उनकी पत्नी शारदा और बेटी दिव्या की गोली मारकर हत्या कर दी थी। अगले दिन जब किरायेदार ज्वेलिका वहां पहुंची, तब जाकर इस जघन्य वारदात का पता चला। पुलिस के मुताबिक, अपराधियों ने इस रात को इसलिए चुना था ताकि पटाखों के शोर में गोलियों की आवाज कोई सुन न सके।

सीसीटीवी और वैज्ञानिक साक्ष्यों से खुला राज

इस केस को सुलझाने में पुलिस ने तकनीक का सहारा लिया। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई। दोषियों को रतलाम और गुजरात से गिरफ्तार किया गया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने 33 गवाहों को पेश किया। अदालत ने जिन साक्ष्यों के आधार पर सजा सुनाई उनमें प्रमुख हैं:

  • डीएनए और बैलिस्टिक रिपोर्ट
  • सीसीटीवी फुटेज
  • हथियारों की बरामदगी
  • खून से सने कपड़े
  • लूटे गए आभूषण

मुठभेड़ में मारा गया था मुख्य आरोपी

इस मामले में कुल चार आरोपी शामिल थे, जिनमें से चौथा आरोपी दिलीप देवल पुलिस कार्रवाई में मारा गया था। पुलिस ने जब उसे पकड़ने की कोशिश की तो उसने फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में वह ढेर हो गया। पुलिस ने उसके किराए के मकान से तमंचा, कारतूस और लूटे गए गहने बरामद किए थे।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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