एक ही खेत में कई फसलें: मुरादाबाद के किसान की अनूठी तरकीब से हो रहा दोगुना मुनाफा उत्तर प्रदेश एक घंटा पहले 1
मुरादाबाद के एक किसान ट्रेंच विधि से गन्ना उगाने के साथ बीच की खाली जगह में दाल समेत कई फसलें लेकर सहफसली खेती से दोहरी कमाई कर रहे हैं।

खेती से बेहतर आमदनी पाने के लिए किसान अक्सर ऐसी फसलों का चुनाव करते हैं जिनसे ज्यादा मुनाफा मिल सके। जानकारों के अनुसार उत्पादन से अच्छी कमाई का सबसे कारगर तरीका सहफसली खेती है, और इसी सहफसली खेती में ट्रेंच विधि से गन्ने की खेती बेहद उपयोगी साबित होती है।

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के एक किसान इसी तरीके को अपनाकर बेहतर आमदनी अर्जित कर रहे हैं। वे ट्रेंच विधि से गन्ना लगाते हैं और दो कतारों के बीच बची खाली जगह में दाल की खेती करते हैं। इससे उन्हें दोहरा फायदा मिल रहा है — एक ओर ट्रेंच विधि से गन्ने की अच्छी पैदावार और दूसरी ओर सहफसली से अतिरिक्त कमाई। एक ही समय में एक के साथ दो फसलें तैयार होने से किसान की आमदनी बढ़ रही है। इससे उत्साहित होकर वे दूसरे किसानों से भी सहफसली खेती अपनाकर आय बढ़ाने की अपील कर रहे हैं।

सहफसली में कौन-कौन सी फसलें

किसान ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि वे मुख्य रूप से गन्ने की खेती करते हैं और इसके साथ सहफसली के तौर पर मूंग और हल्दी भी उगाते हैं। उन्होंने बताया कि जब मूंग की कटाई हो जाएगी, तो उसी जगह रागी की बुवाई की जाएगी और इसके साथ तिलहन की खेती भी की जाएगी।

ट्रेंच विधि और कतारों की दूरी

ओमप्रकाश सिंह के मुताबिक, सहफसली के लिए उन्होंने गन्ने की बुवाई ट्रेंच विधि से की है, जिसमें बीच में काफी जगह बच जाती है। इसमें एक लाइन से दूसरी लाइन की दूरी 6 फीट रखी गई है। दो लाइनों के बाद 6 फीट का फासला छोड़ा गया है और बीच की जगह में मूंग तथा हल्दी की दो लाइनें लगाई गई हैं।

उन्होंने बताया कि ट्रेंच विधि से गन्ने की खेती में 60 कुंतल प्रति बीघा गन्ना निकलता है। उनका कहना है कि अगर वे किसी अन्य तरीके से भी गन्ना उगाएं, तब भी उत्पादन इतना ही रहेगा।

एक साथ कई फसलों का फायदा

ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि ट्रेंच विधि से गन्ना उगाने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें अन्य सहफसली फसलें भी ली जा सकती हैं, जिससे अतिरिक्त मुनाफा मिल जाता है। उन्होंने बताया कि मूंग नाइट्रोजन बनाती है, जिससे गन्ने को भरपूर सहारा मिलता है और पौधों को नाइट्रोजन की आपूर्ति होती है।

वे पिछले 12 साल से इसी तरह खेती कर रहे हैं। उनका कहना है कि गन्ने के साथ मूंग की खेती करने पर भी उत्पादन उतना ही मिलता है। इस तरह सहफसली खेती से अच्छा मुनाफा निकल रहा है और एक साथ कई फसलें तैयार हो रही हैं। उन्होंने अन्य किसानों से भी सहफसली खेती अपनाकर अपनी आय बढ़ाने की अपील की है।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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