उत्तर प्रदेश
एक घंटा पहले
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गाजियाबाद के तनिष्क ज्वेलरी शोरूम से कुछ दिन पहले करोड़ों रुपये के आभूषण चोरी हो जाने की वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। सूचना मिलते ही कविनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और तफ्तीश में जुट गई। अब इस केस में पुलिस के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है और सिर्फ 4 दिन के भीतर ही पूरी गुत्थी सुलझा ली गई है। हैरान करने वाली बात यह रही कि इस चोरी की पूरी साजिश किसी बाहरी बदमाश ने नहीं, बल्कि शोरूम के ही एक कर्मचारी नितिन वर्मा ने रची थी। महंगे शौक और ऐशो-आराम वाली जिंदगी जीने की चाह में नितिन ने अपने ही दफ्तर को निशाना बनाया। इस पूरी साजिश में उसने अपने पिता, एक महिला मित्र और कुछ अन्य दोस्तों को भी अपने साथ मिला लिया था।
झूठी शादी की पार्टी रखकर हथियाईं चाबियां
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपनी पूरी योजना का खुलासा किया। 11 जून की शाम नितिन वर्मा ने शोरूम के सभी कर्मचारियों को पार्टी दी और सबको यह कहकर बुलाया कि उसकी शादी तय हो गई है और इसी खुशी में दावत दे रहा है। दरअसल इस पार्टी में नितिन का असली निशाना शोरूम का कैशियर गौतम राज था, जिसके पास लॉकर और मुख्य दरवाजे की चाबियां रहती थीं। नितिन ने सोची-समझी रणनीति के तहत गौतम को जरूरत से कहीं ज्यादा शराब पिला दी। जब गौतम बेसुध हो गया, तो नितिन उसे घर छोड़ने के बहाने अपने साथ ले गया और रास्ते में चालाकी से उसके बैग से शोरूम की चाबियां निकाल लीं।
सुबह-सुबह दिया वारदात को अंजाम
चाबियां हाथ लगते ही नितिन ने अगली सुबह चोरी की योजना को अमलीजामा पहना दिया। 12 जून की सुबह करीब 7:15 बजे, जब शोरूम के आसपास आवाजाही बेहद कम थी, नितिन अपने एक साथी के साथ वहां जा पहुंचा। उसने आसानी से शोरूम का ताला खोला और अंदर रखे कीमती सोने के आभूषण समेटकर वहां से फरार हो गया। शोरूम खुलने पर जैसे ही चोरी का पता चला, इलाके में हड़कंप मच गया। शोरूम के अधिकारी रोहित अरोड़ा की शिकायत पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज किया और जांच के लिए 5 विशेष टीमें बनाईं।
तीन आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों का माल बरामद
जांच के दौरान पुलिस ने चिरंजीव विहार के पास से तीन आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों में मास्टरमाइंड नितिन वर्मा, उसके पिता संजय वर्मा और उसकी महिला मित्र काजल शामिल हैं, जो मोदीनगर के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके पास से करीब 2 किलो सोना और 6.5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत 3 करोड़ 16 लाख 50 हजार रुपये आंकी गई है। इसके अलावा इनके पास से एक तमंचा और कारतूस भी मिले हैं। गाजियाबाद के डीसीपी सिटी जोन धवल जायसवाल ने बताया कि पुलिस अब इनके फरार साथियों की धरपकड़ में जुटी है।
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