मंत्री जी का अनोखा अंदाज: सरकारी दफ्तर का गंदा टॉयलेट देख खुद उठाने पड़े झाड़ू और बाल्टी राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 5
तेलंगाना के मंत्री जुपल्ली कृष्णा राव ने एक सरकारी दफ्तर के औचक निरीक्षण के दौरान गंदगी देखकर खुद सफाई करने का जिम्मा उठाया, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है।

अचानक निरीक्षण पर पहुंचे मंत्री और दिखा गंदगी का अंबार

सरकारी दफ्तरों में अक्सर साफ-सफाई की कमी एक बड़ी समस्या बनी रहती है, लेकिन तेलंगाना के एक मंत्री ने इस पुरानी धारणा को बदलने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। तेलंगाना सरकार के मंत्री जुपल्ली कृष्णा राव ने जब एक राजस्व कार्यालय का औचक निरीक्षण किया, तो वहां की व्यवस्था देखकर वे दंग रह गए। उन्होंने देखा कि कार्यालय की हालत काफी खराब थी, जिसमें सबसे ज्यादा निराशा उन्हें टॉयलेट की बदहाली देखकर हुई। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को डांटने के बजाय खुद सफाई की कमान संभाल ली।

नागरकुरनूल जिले में पेश की एक अनूठी मिसाल

यह पूरा वाकया शुक्रवार का है, जब जुपल्ली कृष्णा राव, जो कि तेलंगाना में निषेध और आबकारी, पर्यटन और संस्कृति मंत्रालय संभाल रहे हैं, नागरकुरनूल जिले के पेंटलावेल्ली मंडल सेंटर पहुंचे थे। वे वहां के तहसीलदार कार्यालय का औचक दौरा करने गए थे। मंत्री का उद्देश्य यह देखना था कि सरकारी दफ्तरों में बुनियादी सुविधाएं कैसी हैं और वहां काम करने का माहौल कैसा है। जैसे ही उन्होंने कार्यालय परिसर के भीतर वॉशरूम का मुआयना किया, वहां पसरी गंदगी देखकर उनका पारा चढ़ गया।

खुद सफाई में जुटे मंत्री का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

बिना किसी पूर्व सूचना के पहुंचे मंत्री ने न केवल अधिकारियों की क्लास लगाई, बल्कि खुद पानी छिड़ककर और सफाई करके यह संदेश दिया कि स्वच्छता की जिम्मेदारी हर व्यक्ति की है। उनके इस कदम का वीडियो और तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसे देखकर लोग उनकी काफी तारीफ कर रहे हैं। मंत्री ने खुद टॉयलेट साफ करके स्पष्ट किया कि स्वच्छता बनाए रखने के लिए किसी प्रोटोकॉल या पद की मोहताज होने की आवश्यकता नहीं है।

अधिकारियों को दी सख्त हिदायत

सफाई कार्य पूरा करने के बाद, मंत्री ने वहां मौजूद राजस्व विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि किसी भी सरकारी दफ्तर में साफ-सफाई का अभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सार्वजनिक कार्यालयों में काम करने वाले कर्मचारियों और वहां आने वाले आम नागरिकों के लिए बुनियादी सुविधाएं दुरुस्त होनी चाहिए। रखरखाव की कमी को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी व्यक्त की और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न होने की चेतावनी दी।

  • स्वच्छता को व्यक्तिगत जिम्मेदारी के तौर पर अपनाने का संदेश।
  • सरकारी कार्यालयों में रखरखाव के मानकों को सुधारने की सख्त हिदायत।
  • पद और गरिमा से ऊपर उठकर कार्यस्थल को स्वच्छ रखने का उदाहरण।

जुपल्ली कृष्णा राव का यह कदम सरकारी कामकाज की संस्कृति में बदलाव लाने के लिए प्रेरित करने वाला माना जा रहा है। आम लोगों का मानना है कि यदि जनप्रतिनिधि इस तरह की सक्रियता दिखाएंगे, तो निश्चित रूप से सरकारी तंत्र में सुधार की गति तेज होगी। फिलहाल, इस घटना के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है और कार्यालय की सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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