तेलंगाना में बारिश की कमी से परेशान सरकार, वरुण देव को मनाने के लिए हो रहा 'महा वरुण यज्ञ' भारत 2 घंटे पहले 3
तेलंगाना में मॉनसून की बेरुखी और जलाशयों में पानी की कमी को देखते हुए राज्य की कांग्रेस सरकार ने 'महा वरुण यज्ञ' का आयोजन किया है। इस विशेष अनुष्ठान में राज्य के मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री समेत कई वैदिक विद्वान शामिल हो रहे हैं।

तेलंगाना सरकार का आध्यात्मिक प्रयास

तेलंगाना में इस बार मॉनसून की उम्मीदें पूरी होती नहीं दिख रही हैं। राज्य में बारिश की भारी कमी के कारण सूखे जैसे हालात पैदा हो गए हैं, जिससे निपटने के लिए राज्य की कांग्रेस सरकार ने अब पूरी तरह से आध्यात्मिक रास्ता चुना है। राज्य सरकार ने बारिश के देवता वरुण देव को प्रसन्न करने के लिए नागार्जुन सागर में 'महा वरुण यज्ञ' का आयोजन किया है। सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी और उनकी पत्नी ने विधिवत रूप से कृष्णा नदी के किनारे इस अनुष्ठान की शुरुआत की है।

जलाशयों में पानी की किल्लत

राज्य सरकार की चिंता का मुख्य कारण अल नीनो का असर है, जिसके चलते मॉनसून अनिश्चित बना हुआ है। वर्तमान में राज्य के ऊपरी इलाकों में स्थित जलाशयों का जलस्तर काफी कम है। सरकार का मानना है कि यदि जल्द ही अच्छी बारिश नहीं हुई, तो कृष्णा और गोदावरी नदियों में पानी का प्रवाह बनाए रखना एक बड़ी चुनौती होगी। इसी उद्देश्य के साथ, विजय विहार टूरिज्म गेस्ट हाउस परिसर में इस यज्ञ का आयोजन किया गया है ताकि जलाशयों को पूरी तरह से भरा जा सके।

मुख्यमंत्री की भागीदारी और कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी आज दोपहर के समय यज्ञ के मुख्य कार्यक्रम में भाग लेंगे। तय कार्यक्रम के मुताबिक, मुख्यमंत्री दोपहर 2:00 बजे हैदराबाद से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होंगे। वे दोपहर 2:45 बजे नागार्जुन सागर हिल कॉलोनी स्थित बीसी रेजिडेंशियल स्कूल पहुंचेंगे। इसके बाद वे विजय विहार टूरिज्म गेस्ट हाउस में आयोजित यज्ञ स्थल पर जाकर दोपहर 3 बजे 'पूर्णाहुति' देंगे। अनुष्ठान संपन्न करने के बाद, मुख्यमंत्री शाम 4 बजे वापस हैदराबाद के लिए निकल जाएंगे।

यज्ञ की भव्य तैयारी

इस महा आयोजन को संपन्न कराने के लिए कुल 108 पुजारियों और वैदिक विद्वानों की टीम तैनात की गई है। यदागिरिगुट्टा श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के प्रबंधन की देखरेख में आयोजित इस अनुष्ठान के लिए विशेष रूप से 11 होम कुंड तैयार किए गए हैं। सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि यह आयोजन 10 अगस्त को दोपहर 3 बजकर 24 मिनट पर पूर्णाहुति के साथ आगे बढ़ेगा। सरकार का पूरा जोर इसी बात पर है कि वैदिक मंत्रोच्चार और अनुष्ठान के जरिए बारिश की कमी को दूर किया जा सके और राज्य की जल स्थिति में सुधार हो।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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