तेलंगाना में सियासी घमासान: क्या बारिश रोकने के लिए की गई तांत्रिक पूजा? कांग्रेस के दावे से गरमाया माहौल राष्ट्रीय राजनीति एक घंटा पहले 5
तेलंगाना की राजनीति में एक अजीबोगरीब विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें कांग्रेस ने बीआरएस नेता हरीश राव पर बारिश रोकने के लिए तांत्रिक अनुष्ठान करवाने का गंभीर आरोप लगाया है।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय

तेलंगाना की राजनीति एक बार फिर अजीबोगरीब दावों के कारण सुर्खियों में है। राज्य में सत्ताधारी कांग्रेस ने मुख्य विपक्षी दल भारत राष्ट्र समिति के वरिष्ठ नेता टी. हरीश राव पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। कांग्रेस का दावा है कि हरीश राव ने राज्य में बारिश न होने देने के लिए कथित तौर पर कुछ गुप्त और तांत्रिक अनुष्ठान करवाए हैं। इस बयान ने राज्य की राजनीति में खलबली मचा दी है और अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। बीआरएस ने इन दावों को पूरी तरह से नकारते हुए इसे कांग्रेस की ओछी राजनीति करार दिया है।

कांग्रेस का क्या है आरोप?

तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने एक प्रेस वार्ता में दावा किया कि हरीश राव के मन में राज्य सरकार के प्रति इतनी नफरत है कि वे राज्य के हितों से खिलवाड़ कर रहे हैं। गौड़ का कहना है कि हरीश राव चाहते हैं कि तेलंगाना में कम बारिश हो, ताकि राज्य में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो और फसलें नष्ट हो जाएं। कांग्रेस नेता के अनुसार, इस पूरे षड्यंत्र के पीछे एक ही मकसद है कि किसानों और आम जनता में असंतोष फैले और लोग कांग्रेस सरकार के खिलाफ खड़े हो जाएं, जिसका सीधा राजनीतिक लाभ बीआरएस को मिले।

कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे दावा किया कि हरीश राव मार्च, मई और जून के महीनों में कर्नाटक के शिवमोगा और तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली (तिरुचि) स्थित कुछ विशिष्ट मंदिरों में गए थे। गौड़ ने आरोप लगाया कि इन स्थानों पर ऐसी पूजाएं और अनुष्ठान किए जाते हैं जिनका उद्देश्य बारिश को प्रभावित करना होता है। कांग्रेस ने चुनौती दी है कि यदि हरीश राव ने ऐसी कोई पूजा नहीं की है, तो उन्हें अपनी इन यात्राओं का सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए और इनका उद्देश्य स्पष्ट करना चाहिए।

बीआरएस का पलटवार

कांग्रेस द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर भारत राष्ट्र समिति ने बेहद आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के नेता आर. एस. प्रवीण कुमार ने कांग्रेस के दावों को बेबुनियाद और बकवास बताया है। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप लगाकर कांग्रेस ने न केवल हरीश राव का अपमान किया है, बल्कि हिंदू समाज की भावनाओं को भी आहत किया है और अघोरी परंपरा का मजाक उड़ाया है। बीआरएस नेता ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने इस गैर-जिम्मेदाराना बयान के लिए हिंदू समुदाय से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। फिलहाल कांग्रेस ने अपने इन आरोपों के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत जनता के सामने पेश नहीं किए हैं, जिसके कारण यह मामला केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित दिख रहा है।

तेलंगाना में बारिश की स्थिति और आंकड़े

राज्य में मानसून की मौजूदा स्थिति वास्तव में चिंताजनक बनी हुई है और उम्मीद के अनुरूप बारिश नहीं हो रही है। कम बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में सूखे का खतरा मंडरा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों पर गौर करें तो स्थिति साफ हो जाती है:

  • 10 जुलाई तक राज्य में सामान्य वर्षा 6.5 सेंटीमीटर होनी चाहिए थी, लेकिन इस अवधि में केवल 4.3 सेंटीमीटर बारिश ही दर्ज की गई। यह सामान्य से करीब 33 प्रतिशत कम है।
  • पिछले साल इसी समयावधि में राज्य में 6.6 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई थी।
  • राज्य के कुल 33 जिलों में से केवल 13 जिलों में ही सामान्य बारिश दर्ज हो सकी है, जबकि शेष 20 जिले अब भी बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं।
  • अगर 1 जून से 10 जुलाई तक के कुल आंकड़ों को देखें, तो तेलंगाना में 19.5 सेंटीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 15.8 सेंटीमीटर बारिश हुई है। इसका अर्थ है कि राज्य में अब तक कुल 19 प्रतिशत बारिश की कमी देखी गई है।

मौसम की इस मार ने पहले से ही किसानों और आम जनता को परेशान कर रखा है, और अब इस पर हो रही सियासी बयानबाजी ने इसे एक अलग ही मोड़ दे दिया है।

देवेंद्र पांडेय पाबना के राजनीतिक संवाददाता हैं और राष्ट्रीय राजनीति, सरकार तथा नीतियों पर रिपोर्टिंग करते हैं। चुनाव, संसद और बड़े सियासी घटनाक्रमों का वे गहराई से विश्लेषण करते हैं। उनकी रिपोर्टिंग निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित होती है।

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