तेज प्रताप यादव का बड़ा दांव, कॉकरोच जनता पार्टी के अभिजीत दीपके से बिहार आने की अपील बिहार एक महीने पहले 56
राजद नेता तेज प्रताप यादव ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को बिहार आने का न्योता दिया है। उनका कहना है कि राज्य में अब एक मजबूत जनांदोलन की जरूरत है ताकि सरकार को बदला जा सके।

तेज प्रताप यादव की खास अपील

बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और राजद सुप्रीमो लालू यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने एक बड़ी राजनीतिक पहल की है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच फेसबुक के माध्यम से 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दीपके को एक विशेष संदेश भेजा है। तेज प्रताप ने दीपके से आग्रह किया है कि वे बिना किसी देरी के बिहार की धरती पर कदम रखें। वर्तमान बिहार की राजनीतिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए तेज प्रताप ने कहा कि अब राज्य को एक सशक्त जनांदोलन की सख्त दरकार है। उन्होंने अभिजीत दीपके को बिहार की जनता की आवाज बनने और मौजूदा सरकार को सत्ता से बाहर करने के लिए आमंत्रित किया है।

परिवर्तन की लड़ाई में साथ का वादा

तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया कि यदि अभिजीत दीपके इस मुहिम को आगे बढ़ाते हैं, तो उन्हें पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि जनशक्ति जनता दल और उनके तमाम समर्थक इस परिवर्तन की लड़ाई में अभिजीत दीपके के साथ चट्टान की तरह खड़े रहेंगे। बिहार के सुनहरे भविष्य और जनहित से जुड़े मुद्दों पर वे हर कदम पर साथ चलने के लिए तैयार हैं। इसके साथ ही, तेज प्रताप ने देश के युवाओं की सक्रियता की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं ने अपने संघर्ष से मोदी सरकार को नींद से जगाया है और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक की स्थिति पैदा की है। पेपर लीक के विरोध से शुरू हुआ यह संघर्ष रोजगार के मुद्दों तक जारी रहेगा और अब देश में हर गलती की जवाबदेही तय की जाएगी।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और अभिजीत दीपके का बयान

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के उग्र प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया मंच एक्स पर इस खबर की पुष्टि की। इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने कहा कि जो लोग यह कहते थे कि इस सरकार में कोई इस्तीफा नहीं होता, उन्हें इसका जवाब मिल गया है। दीपके के शब्दों में, 'झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।' उन्होंने इसे डर के खिलाफ जीत की संज्ञा दी और कहा कि यदि आप हार न मानें और संघर्ष जारी रखें, तो जीत सुनिश्चित है। उनके इस रुख को छात्रों का काफी समर्थन प्राप्त हुआ है।

अंजलि सिंह पाबना की राज्य संवाददाता हैं, जो विभिन्न राज्यों की क्षेत्रीय खबरें और खानपान कवर करती हैं। स्थानीय घटनाओं, संस्कृति और जायके की कहानियों को वे करीब से रिपोर्ट करती हैं। अलग-अलग राज्यों की विविधता उनकी रिपोर्टिंग में नजर आती है।

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