शुभेंदु सरकार के 30 दिन: स्कूलों में वंदे मातरम्, सड़क पर नमाज पर रोक और टाटा ग्रुप की वापसी पश्चिम बंगाल 13 घंटे पहले 6
पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक महीना पूरा कर लिया है। पहले 30 दिनों में स्कूलों में वंदे मातरम् अनिवार्य करने से लेकर सड़क पर नमाज पर रोक और औद्योगिक निवेश तक कई बड़े फैसले लिए गए।

पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने सत्ता में एक महीना पूरा कर लिया है। इस छोटी-सी अवधि में राज्य ने कई बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक फेरबदल देखे। शुरुआती 30 दिनों में ही प्रशासन ने वैचारिक और कल्याणकारी मोर्चे पर कई फैसले लिए, जिनमें स्कूलों में 'वंदे मातरम्' को अनिवार्य बनाना, सड़कों पर नमाज पढ़ने पर रोक लगाना, बीएसएफ को 142 एकड़ जमीन सौंपना और टाटा ग्रुप की वापसी जैसे औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देना शामिल है।

पार्टी के भीतर हलचल तेज

इन बदलावों के बीच सत्ताधारी दल की सालगिरह के मौके पर ही पार्टी के अंदर जबरदस्त हलचल दिखी है। कई टीएमसी नेता इस्तीफा देकर भाजपा का दामन थाम रहे हैं। दूसरी ओर, दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 बागी सांसद केंद्रीय एनडीए से जुड़ने की कोशिश में जुटे हैं।

मेदिनीपुर में प्रशासनिक समीक्षा बैठक

सरकार का एक महीना पूरा होने पर शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को मेदिनीपुर में प्रशासनिक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में टीएमसी सांसद जून मालिया, विधायक सुइली साहा और सांसद दीपक अधिकारी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने जिले की कानून-व्यवस्था, बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ सड़क और स्वास्थ्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

जनप्रतिनिधियों ने रखीं जनता की समस्याएं

जून मालिया ने मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की कमी और जलजमाव की समस्या उठाई। सुइली साहा ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति और 100 दिन के काम में तेजी लाने की मांग रखी। वहीं देव अधिकारी ने युवाओं के लिए रोजगार और स्टार्टअप योजना पर जोर दिया।

15 दिन में एक्शन टेकेन रिपोर्ट का निर्देश

मुख्यमंत्री अधिकारी ने सभी विभागों को 15 दिन के भीतर एक्शन टेकेन रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा, 'मेदिनीपुर की संस्कृति और विकास, दोनों ही सरकार की प्राथमिकता में हैं।' बैठक में डीएम और एसपी समेत सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बंगाल को मिला पहला भाजपा मुख्यमंत्री

उल्लेखनीय है कि शुभेंदु अधिकारी ने 9 मई 2026 को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। यह पहला मौका है, जब भाजपा का कोई नेता पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री बना हो। शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित हुआ था, जहां राज्यपाल आर. एन. रवि ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले शुभेंदु अधिकारी 2021 से 2026 तक पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका निभा चुके हैं।

चेतन शुक्ला (Chetan Shukla) Print & Broadcast News Agency (PABNA) में 'मुख्य संपादक' हैं। वह पत्रकारिता में 15 वर्ष से ज्यादा का अनुभव रखते हैं। ये मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। इन्हें राजनीति और आम आदमी से जुड़ी खबरें लिखना पसंद है।

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