भारत
2 घंटे पहले
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कामजोंग में हिंसक वारदात
मणिपुर में सुरक्षा स्थिति फिर से चिंताजनक मोड़ पर पहुंच गई है। राज्य के कामजोंग जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जहां संदिग्ध उग्रवादियों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी है। इस हमले में चार अन्य लोग भी घायल बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आधिकारिक रूप से इस घटना की पुष्टि की है। इलाके में हुई इस हिंसा के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है और सुरक्षा बलों द्वारा छानबीन तेज कर दी गई है।
हालिया गिरफ्तारियां और बरामदगी
मणिपुर में उग्रवादी समूहों की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस घटना से ठीक पहले सुरक्षा बलों ने एक बड़ी सफलता हासिल की थी। इंफाल पश्चिम जिले के लामडेंग माखा लेइकाई इलाके से गुरुवार को प्रतिबंधित संगठन 'कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (एमएफएल)' के एक सदस्य साइचे बोयसन कोम को गिरफ्तार किया गया। पुलिस को यह जानकारी मिली थी कि यह उग्रवादी संगठन के लिए हथियार और गोला-बारूद की खेप लेकर जा रहा है।
गिरफ्तार उग्रवादी के पास से हथियारों का एक जखीरा बरामद हुआ, जो किसी बड़े हमले की तैयारी की ओर इशारा करता है। बरामदगी में निम्नलिखित शामिल थे:
- एक हल्की मशीन गन
- एक AK-56 राइफल और उसकी मैगजीन
- एक M4 राइफल और मैगजीन
- एक पिस्तौल
- पांच गोले और एक मोर्टार
- विभिन्न कैलिबर के 87 कारतूस
- पांच विस्फोटक और चार हथगोले
लगातार हो रही कार्रवाई
हथियारों की यह जब्ती केवल एक मामला नहीं है। शुक्रवार को भी सुरक्षा बलों को एक और बड़ी कामयाबी मिली, जब पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने कांगपोकपी जिले के लासन और लांगका क्षेत्रों से हथियारों का एक जखीरा बरामद किया। सुरक्षा बलों को इस अभियान के दौरान एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR), एक इंसास राइफल, एक .303 राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद हाथ लगा। पिछले कुछ दिनों में हथियारों का इस तरह मिलना यह स्पष्ट करता है कि राज्य के भीतर उपद्रवी तत्व किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में हैं।
गृह मंत्री का शांति संदेश
मणिपुर में जारी हिंसा और तनाव के बीच राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य के विभिन्न समुदायों के बीच मौजूद मतभेदों का हल केवल आपसी बातचीत से निकाला जा सकता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंदूक की नली से शांति नहीं आ सकती। गृह मंत्री ने समुदायों के बीच विश्वास बहाली पर जोर देते हुए अपील की कि लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर संवाद का मार्ग चुनें।
गौरतलब है कि इससे पहले भी मणिपुर के एक गांव में उग्रवादियों द्वारा अंधाधुंध गोलीबारी की घटना सामने आई थी, जिसमें एक महिला की जान चली गई थी और उसका पति व बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। राज्य में लगातार हो रही ये घटनाएं शांति स्थापना के प्रयासों के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
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